Samachar Nama
×

अमेरिका-इज़राइल और ईरान की जंग का 14वां दिन, वीडियो में देंखे होर्मुज स्ट्रेट पर बढ़ा तनाव

अमेरिका-इज़राइल और ईरान की जंग का 14वां दिन, वीडियो में देंखे होर्मुज स्ट्रेट पर बढ़ा तनाव

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका-इज़राइल और ईरान के बीच जारी जंग आज 14वें दिन में प्रवेश कर गई है। इस जंग का असर वैश्विक समुद्री और तेल परिवहन मार्गों पर भी नजर आने लगा है। फारस की खाड़ी में स्थित होर्मुज स्ट्रेट, जो दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है, अब जहाजों के लिए पूरी तरह खुला नहीं है।

ईरान ने हाल ही में घोषणा की है कि इस मार्ग से गुजरने वाले सभी जहाजों को अब पहले उसकी नेवी से संपर्क करना होगा। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने मीडिया से बातचीत में कहा कि होर्मुज स्ट्रेट ईरान के लिए रणनीतिक दृष्टि से बेहद अहम है। उन्होंने कहा कि “समुद्र में सुरक्षा बनाए रखना हमारी प्राथमिकता है, इसलिए किसी भी विदेशी जहाज को गुजरने से पहले हमारी नेवी से अनुमति लेनी होगी।”

विशेषज्ञों के अनुसार, होर्मुज स्ट्रेट एक ऐसा मार्ग है, जिसके माध्यम से हर दिन लगभग 130 बड़े और छोटे जहाज तेल, गैस और अन्य महत्वपूर्ण सामान का परिवहन करते हैं। इस मार्ग पर किसी भी तरह की बाधा वैश्विक तेल और गैस की कीमतों को प्रभावित कर सकती है। यही वजह है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहले ही कच्चे तेल और एलपीजी की कीमतों में उछाल देखा जा रहा है।

इसी बीच, ईरान ने दावा किया है कि उसने अमेरिका के बड़े एयरक्राफ्ट कैरियर USS अब्राहम लिंकन पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह एयरक्राफ्ट कैरियर फारस की खाड़ी में तैनात था और हमले में जहाज को भारी नुकसान हुआ है। हालांकि, अमेरिकी अधिकारियों ने अभी तक इस हमले की पुष्टि नहीं की है।

विश्लेषकों का कहना है कि होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान की यह सख्ती और अमेरिका के सैन्य जहाजों पर हमले की खबरें वैश्विक समुद्री व्यापार के लिए गंभीर चिंता का विषय हैं। इसके असर से तेल और गैस की आपूर्ति में रुकावट आने का खतरा बढ़ गया है, जिसका सीधा असर घरेलू बाजारों और रसोई गैस (LPG) की कीमतों पर भी पड़ सकता है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस तनाव का असर पहले ही भारत सहित कई देशों में महसूस किया जा रहा है। LPG की किल्लत और इसके कारण सिलेंडर की कालाबाजारी जैसी घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। छोटे व्यवसाय और रेस्टोरेंट प्रभावित हो रहे हैं, जबकि आम जनता सिलेंडर के लिए लंबी कतारों में घंटों इंतजार कर रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक तनाव सीधे घरेलू जीवन को प्रभावित कर सकता है। अमेरिकी और इज़राइली कदमों के जवाब में ईरान की रणनीति फारस की खाड़ी में सुरक्षा और नियंत्रण बढ़ाने की दिशा में देखी जा रही है। वहीं, वैश्विक समुद्री व्यापारियों के लिए यह संकट एक चुनौती बन गया है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह देखने वाली बात होगी कि अमेरिका और उसके सहयोगी ईरान की इन गतिविधियों का जवाब कैसे देंगे। आने वाले दिनों में होर्मुज स्ट्रेट पर किसी भी अप्रत्याशित घटना का असर तेल और गैस की आपूर्ति श्रृंखला पर सीधे पड़ सकता है।

Share this story

Tags