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अरुणाचल में भारत-चीन सैनिकों के बीच फिर तनाव, ITBP DG का बड़ा खुलासा; कांग्रेस ने केंद्र को घेरा

अरुणाचल में भारत-चीन सैनिकों के बीच फिर तनाव, ITBP DG का बड़ा खुलासा; कांग्रेस ने केंद्र को घेरा

भारत और चीन के बीच सीमा पर तनाव एक बार फिर चर्चा में है। ITBP के महानिदेशक शत्रुजीत कपूर के मुताबिक, पिछले कुछ महीनों से अरुणाचल प्रदेश में भारतीय और चीनी सैनिक आमने-सामने आ रहे हैं। कई स्थानों पर टकराव की स्थिति भी बनी है। उन्होंने बताया कि सीमा पर सुरक्षा मजबूत करने के लिए भारत ने अपनी तैनाती बढ़ाई है।शत्रुजीत कपूर गुरुवार को राजस्थान के अलवर स्थित सेंट्रल ट्रेनिंग कॉलेज में आयोजित हिमवीर सम्मान समारोह में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने बताया कि जुलाई के अंत से अरुणाचल प्रदेश के ऊपरी सुबनसिरी जिले के असाफिला और माजा क्षेत्रों में तनाव बना हुआ है।

तीन उच्चस्तरीय बैठकों के बाद भी तनाव बरकरार

ITBP DG ने बताया कि जुलाई से अब तक भारत और चीन के बीच WMCC, विशेष प्रतिनिधि वार्ता और कोर कमांडर स्तर पर तीन उच्चस्तरीय वार्ताएं हो चुकी हैं। इसके बावजूद सीमा पर तनाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।इस बीच सितंबर में 18वें BRICS सम्मेलन का भी आयोजन हुआ, जिसमें हिस्सा लेने के लिए चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग भारत आए थे।

ड्रोन और एंटी-ड्रोन तकनीक पर ITBP का जोर

शत्रुजीत कपूर ने कहा कि ड्रोन ने पारंपरिक युद्ध के तौर-तरीकों को काफी बदल दिया है। इसी को देखते हुए ITBP ड्रोन निर्माण और एंटी-ड्रोन क्षमताओं को मजबूत करने पर काम कर रही है।उन्होंने यह भी बताया कि वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के पास महत्वपूर्ण संसाधनों की सुरक्षा के लिए भूमिगत शेल्टर बनाए जा रहे हैं, ताकि सीमा पर तैनात जवानों और संसाधनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

कांग्रेस ने सरकार पर साधा निशाना

अरुणाचल प्रदेश में सैनिकों के बीच हालिया टकराव को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर आरोप लगाया कि सरकार चीन के मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए है।उन्होंने लिखा कि 19 जून 2020 को प्रधानमंत्री की ओर से चीन को दी गई कथित ‘क्लीन चिट’ की कीमत भारत चुका रहा है। उन्होंने ITBP DG के बयान का हवाला देते हुए सरकार की चीन नीति पर भी सवाल उठाए।

कांग्रेस सांसद जेबी माथेर ने भी केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने सवाल किया कि यदि ये घटनाएं जुलाई से हो रही थीं, तो देश को इसकी जानकारी अक्टूबर में क्यों मिली? उन्होंने प्रधानमंत्री और गृह मंत्री की ओर से इस मामले पर बयान नहीं दिए जाने को लेकर भी सवाल उठाए।

गलवान हिंसा में 20 भारतीय जवान हुए थे शहीद

भारत और चीन के बीच सीमा विवाद जून 2020 में गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प के बाद और गंभीर हो गया था। 15 जून 2020 को लद्दाख की गलवान घाटी में चीनी सैनिकों के साथ संघर्ष में भारत के 20 जवान शहीद हुए थे।

इस घटना के बाद दोनों देशों ने सीमा पर सैनिकों की तैनाती बढ़ा दी थी। कई दौर की सैन्य और कूटनीतिक बातचीत के बावजूद सीमा विवाद पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है।

अरुणाचल प्रदेश पर चीन के दावे का भारत करता है विरोध

अरुणाचल प्रदेश को लेकर भारत और चीन के बीच लंबे समय से विवाद है। चीन भारतीय राज्य अरुणाचल प्रदेश के बड़े हिस्से पर दावा करता है और इसे ‘जांगनान’ यानी दक्षिणी तिब्बत कहता है।चीन वर्ष 2017 से अरुणाचल प्रदेश के विभिन्न स्थानों के लिए चीनी नामों की सूची जारी करता रहा है। 2023 में उसने 11 और 2024 में लगभग 30 स्थानों के नाम जारी किए थे। भारत ने इन दावों और नाम बदलने की कोशिशों का लगातार विरोध किया है।फिलहाल, अरुणाचल प्रदेश में सैनिकों के बीच तनाव को लेकर ITBP DG के बयान के बाद सीमा सुरक्षा और भारत-चीन संबंधों का मुद्दा फिर चर्चा में आ गया है। वहीं, कांग्रेस ने इस मामले में केंद्र सरकार से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।

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