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तेलंगाना: शीर्ष पुलिस अधिकारी ने आरोपों पर बीआरएस नेता को नोटिस भेजा

हैदराबाद, 23 जनवरी (आईएएनएस)। हैदराबाद पुलिस आयुक्त और फोन टैपिंग मामले की जांच कर रही एसआईटी के प्रमुख वीसी सज्जनार ने शुक्रवार को बीआरएस नेता आरएस प्रवीण कुमार को नोटिस भेजा है। नोटिस में उनसे दो दिनों के भीतर उनके खिलाफ कथित तौर पर दर्ज सात आपराधिक मामलों का विवरण देने को कहा है।
तेलंगाना: शीर्ष पुलिस अधिकारी ने आरोपों पर बीआरएस नेता को नोटिस भेजा

हैदराबाद, 23 जनवरी (आईएएनएस)। हैदराबाद पुलिस आयुक्त और फोन टैपिंग मामले की जांच कर रही एसआईटी के प्रमुख वीसी सज्जनार ने शुक्रवार को बीआरएस नेता आरएस प्रवीण कुमार को नोटिस भेजा है। नोटिस में उनसे दो दिनों के भीतर उनके खिलाफ कथित तौर पर दर्ज सात आपराधिक मामलों का विवरण देने को कहा है।

सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी प्रवीण कुमार ने इससे पहले दावा किया था कि सज्जनार के खिलाफ सात आपराधिक मामले दर्ज हैं।

भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) नेता ने फोन टैपिंग मामले में बीआरएस नेताओं को नोटिस जारी करने के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) पर निशाना साधते हुए एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह आरोप लगाया।

सज्जनार उस एसआईटी का नेतृत्व कर रहे हैं, जो उन आरोपों की जांच कर रही है कि बीआरएस शासन के दौरान राजनेताओं, व्यापारियों, पत्रकारों, न्यायपालिका और प्रतिष्ठित हस्तियों सहित कई व्यक्तियों के फोन टैप किए गए थे।

राजनीति में आने से पहले स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेने वाले प्रवीण कुमार ने पुलिस आयुक्त के खिलाफ मामलों की जांच के लिए एक और एसआईटी गठित करने की मांग की थी।

सज्जनार ने अपने नोटिस में कहा कि यह बयान बेहद मानहानिकारक, गैरजिम्मेदाराना और भ्रामक है।

सज्जनार ने लिखा कि इस तरह के आरोप सार्वजनिक रूप से लगाकर आपने न केवल एसआईटी और उसके प्रमुख की प्रतिष्ठा और विश्वसनीयता को झूठे और अपमानजनक बयानों से धूमिल करने का प्रयास किया है, बल्कि आधिकारिक कर्तव्यों के निर्वहन में बाधा डालने और उसे रोकने की कोशिश भी की है। इसके अलावा, आपने चल रही जांच को गंभीर रूप से प्रभावित किया है और जनता को गुमराह किया है।

पुलिस आयुक्त ने बीआरएस नेता को नोटिस प्राप्त होने की तिथि से दो दिनों के भीतर कथित सात आपराधिक मामलों का पूरा और विशिष्ट विवरण प्रस्तुत करने को कहा है।

सज्जनार ने लिखा कि यदि प्रवीण कुमार निर्धारित समय के भीतर मांग का पालन करने में विफल रहते हैं, तो उनके खिलाफ मानहानि और आपराधिक धमकी सहित उचित दीवानी और आपराधिक कार्रवाई शुरू की जाएगी।

दिन में पहले एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए प्रवीण कुमार ने फोन टैपिंग मामले की जांच के तरीके को लेकर कांग्रेस सरकार की कड़ी आलोचना की।

--आईएएनएस

एमएस/

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