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तेलंगाना के सभी सांसदों ने अमरावती से जुड़े विधेयक का समर्थन किया : मल्लू रवि

नई दिल्ली, 1 अप्रैल (आईएएनएस)। लोकसभा में बुधवार को आंध्र प्रदेश की राजधानी के रूप में अमरावती को कानूनी दर्जा देने वाला विधेयक पेश किया गया। इस विधेयक को लेकर कांग्रेस सांसद मल्लू रवि ने आईएएनएस से कहा कि संसद में विधेयक पेश किया गया। यह विधेयक अमरावती को आंध्र प्रदेश की स्थायी राजधानी बनाने से संबंधित था।
तेलंगाना के सभी सांसदों ने अमरावती से जुड़े विधेयक का समर्थन किया : मल्लू रवि

नई दिल्ली, 1 अप्रैल (आईएएनएस)। लोकसभा में बुधवार को आंध्र प्रदेश की राजधानी के रूप में अमरावती को कानूनी दर्जा देने वाला विधेयक पेश किया गया। इस विधेयक को लेकर कांग्रेस सांसद मल्लू रवि ने आईएएनएस से कहा कि संसद में विधेयक पेश किया गया। यह विधेयक अमरावती को आंध्र प्रदेश की स्थायी राजधानी बनाने से संबंधित था।

उन्होंने कहा कि तेलंगाना के सभी दलों के सांसदों ने अमरावती को राजधानी बनाने वाले इस विधेयक का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि उसी समय, मैंने भी अपनी बात रखी। मैंने कहा कि मैं इस विधेयक का समर्थन करता हूं और साथ ही मैंने प्रधानमंत्री मोदी से पुनः यह अनुरोध किया कि तेलंगाना से किए गए वादों को भी पूरा किया जाए।

अमरावती को आंध्र प्रदेश की राजधानी बनाने वाले विधेयक को लेकर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि अमरावती को राजधानी का स्वरूप देने के लिए विधेयक लाया गया है।

एफसीआरए बिल को लेकर किरेन रिजिजू ने कहा कि विपक्ष के दावों से गुमराह न हों और असलियत देखें। हम नियमों का पालन करते हैं और जरूरत के हिसाब से विधेयक लाते हैं। हम नियम नहीं तोड़ते। जो लोग व्यवस्था के खिलाफ काम करते हैं, वे कांग्रेस और दूसरे लोग हैं। हम कभी भी व्यवस्था को नजरअंदाज़ नहीं करते। बिल कल वितरित किया गया, आज पेश किया गया और सभी से अनुरोध किया गया। हमने केरल के कुछ प्रतिनिधियों को भी सूचित किया था कि हम आज आंध्र बिल पहले लाएंगे।

एफसीआरए बिल को लेकर समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने कहा कि आज विधेयक पर चर्चा होनी थी लेकिन अभी उस बिल को आगे बढ़ा दिया है। मुझे नहीं पता कि इसको लेकर सरकार का क्या रवैया है।

बता दें कि लोकसभा में पेम्मासानी चंद्रशेखर ने कहा कि ऐसे ऐतिहासिक क्षण में सदन में 'अमरावती के पुत्र' के रूप में बोलना उनके लिए सम्मान और गर्व की बात है। उन्होंने अमरावती को कानूनी मान्यता देने के इस कदम को तेलुगु लोगों की स्वप्निल राजधानी और राज्य के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया।

--आईएएनएस

एसडी/पीएम

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