तेलंगाना इंटरनेशनल चैलेंज: तुषार और रक्षिता ने जीते सिंगल्स खिताब, कृष्णा-पृथ्वी की जोड़ी मेंस डबल्स में चैंपियन
हैदराबाद, 8 नवंबर (आईएएनएस)। तेलंगाना इंडिया इंटरनेशनल चैलेंज 2026 में भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन शानदार रहा। रविवार को मेंस सिंगल्स में तुषार सुवीर और विमेंस सिंगल्स में रक्षिता श्री संतोष रामराज ने फाइनल मुकाबले में जीत हासिल की। वहीं, मेंस डबल्स में कृष्णा प्रसाद गरागा/पृथ्वी कृष्णमूर्ति रॉय की जोड़ी ने खिताब जीता। इस तरह भारत ने टूर्नामेंट में कुल तीन टाइटल अपने नाम किए।
पुलेला गोपीचंद बैडमिंटन एकेडमी में आयोजित मेंस सिंगल्स के फाइनल में, छठी वरीयता प्राप्त तुषार ने हमवतन भरत राघव को शिकस्त दी। पहला गेम 15-21 से हारने के बाद, उन्होंने शानदार वापसी करते हुए अगले दो गेम 21-18, 21-19 से जीतकर खिताब अपने नाम कर लिया। यह मैच 58 मिनट तक चला।
तुषार के सफर की शुरुआत प्री-क्वार्टर फाइनल में अंश नेगी पर सीधी जीत के साथ हुई। इसके बाद उन्होंने क्वार्टर फाइनल में शीर्ष वरीयता प्राप्त किरण जॉर्ज को 21-12, 21-17 से हराया। फिर सेमीफाइनल में हमार लालथजुआला को 21-14, 21-19 से मात देकर फाइनल में अपनी जगह बनाई।
दूसरी तरफ, 53 मिनट तक चले विमेंस सिंगल्स के फाइनल में रक्षिता ने नौवीं वरीयता प्राप्त रुजुला रामू को 16-21, 21-15, 21-14 से शिकस्त दी। इस जीत के साथ, शीर्ष वरीयता प्राप्त रक्षिता ने अपने नाम एक और अंतरराष्ट्रीय खिताब कर लिया है। इस साल उन्होंने 'वियतनाम इंटरनेशनल चैलेंज' भी जीता था।
फाइनल तक पहुंचने का सफर रक्षिता के लिए काफी चुनौतीपूर्ण रहा, जिसकी शुरुआत उन्होंने मारिया गोलुबेवा पर सीधी जीत के साथ की। इसके बाद तन्वी रेड्डी को तीन गेम में हराया और फिर क्वार्टर फाइनल में आदर्शनी श्री भूपति बालाजी को 21-17, 21-11 से मात दी। उन्होंने सेमीफाइनल में अदिता राव के खिलाफ तीन गेम की जीत दर्ज की थी।
भारत को तीसरी ट्रॉफी मेंस डबल्स में मिली, जहां टॉप सीड कृष्णा प्रसाद गरागा/पृथ्वी कृष्णमूर्ति रॉय की जोड़ी ने अपने ही देश की पांचवीं सीड जोड़ी, साई प्रतीक के./रुबन कुमार रेथिनसाबपति को 21-12, 21-18 से हरा दिया। यह मुकाबला सिर्फ 34 मिनट में समाप्त हुआ।
भारतीय जोड़ी ने पूरे टूर्नामेंट में अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखा। उन्होंने पहले दौर में वीराफत फकजारुंग/तनुपत विरियांगकुरा को हराया, और फिर पवन सुरेश/पुनीत सुरेश के खिलाफ तीन गेम तक चले कड़े मुकाबले में जीत हासिल की। इसके बाद उन्होंने क्वार्टर फाइनल में अशित सूर्या/गणेश विट्टलजी को, और सेमीफाइनल में मलेशिया के लाउ यी शेंग/ली यी बो को मात दी।
हालांकि, भारत चौथा खिताब जीतने से चूक गया। मिक्स्ड डबल्स में सतीश कुमार करुणाकरन और अश्विनी पोनप्पा को सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा। भारतीय जोड़ी ने रोडियन अलीमोव और अलीना दावलेतोवा के खिलाफ पहला गेम जीत लिया था, लेकिन टूर्नामेंट की दूसरी सीड जोड़ी ने वापसी करते हुए 50 मिनट में 19-21, 21-11, 21-13 से जीत दर्ज की।
जापान ने विमेंस डबल्स का खिताब अपने नाम किया। फाइनल में, पांचवीं वरीयता प्राप्त मेई सुडो और माई तानाबे की जोड़ी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए थाईलैंड की शीर्ष वरीयता प्राप्त जोड़ी पत्थरीन आइमवारीसरीसाकुल/सारिसा जानपेंग को 21-11, 21-11 से शिकस्त दी।
--आईएएनएस
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