तेजस्वी यादव के ‘लोक भवन मार्च’ पर श्याम रजक का तंज, बोले- कसरत के तौर पर सड़कों पर टहलें
पटना, 6 अक्टूबर (आईएएनएस)। बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव के 8 अक्टूबर को प्रस्तावित ‘लोक भवन मार्च’ को लेकर जनता दल (यूनाइटेड) के महासचिव श्याम रजक ने उन पर तीखा हमला बोला है। श्याम रजक ने कहा कि अगर तेजस्वी यादव के पास कोई काम नहीं है तो उन्हें कुछ काम करना चाहिए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि दिनभर बैठे रहने और खाने-पीने से उनका वजन बढ़ रहा है, इसलिए उन्हें कसरत करनी चाहिए।
जनता दल (यूनाइटेड) के महासचिव श्याम रजक ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कि तेजस्वी यादव चाहें तो कसरत के तौर पर सड़कों पर टहल सकते हैं। इससे उनकी सेहत में सुधार होगा और उन्हें कई तरह की स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से भी राहत मिल सकती है।
उन्होंने आरोप लगाया कि तेजस्वी यादव का एकमात्र उद्देश्य अपने परिवार और भ्रष्टाचार को मजबूत करना है। जनता ऐसे लोगों को पहले ही नकार चुकी है और वह उनके बहकावे में नहीं आएगी।
जदयू विधायक अनंत सिंह और पार्टी के मुख्य प्रवक्ता एवं एमएलसी नीरज कुमार के बीच मतभेदों को लेकर पूछे गए सवाल पर श्याम रजक ने कहा कि मामला सुलझा लिया गया है। उन्होंने कहा कि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने दोनों पक्षों से जुड़े सभी मुद्दों को हल कर दिया है। इसलिए अब इस मामले पर चर्चा या टिप्पणी करने का कोई मतलब नहीं है।
पड़ोसी देशों को लेकर कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर की कथित टिप्पणियों का जिक्र करते हुए श्याम रजक ने कांग्रेस पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मणिशंकर अय्यर को यह समझना चाहिए कि आतंकवादी सीमाओं के जरिए भारत में घुसपैठ करते हैं। ऐसे में अगर आतंकवाद के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक नहीं की जाती है, तो क्या भारत को यह कहना चाहिए कि आतंकवादी देश में आएं, लोगों को मारें और जमीन पर कब्जा करें?
श्याम रजक ने आरोप लगाया कि कुछ लोग पाकिस्तान के प्रति प्रेम की भाषा बोल रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा के मुद्दे पर किसी भी तरह की नरमी नहीं बरती जानी चाहिए।
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच कथित खींचतान पर भी श्याम रजक ने टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि दोनों दल बैठकें तो बहुत करते हैं लेकिन चुनाव के समय इन बैठकों का असर दिखाई नहीं देता।
उन्होंने बिहार विधान परिषद चुनाव का उदाहरण देते हुए कहा कि एक दिन पहले गठबंधन के नेता बैठक करते हैं और अगले ही दिन सभी दल अपने-अपने उम्मीदवार घोषित कर देते हैं। श्याम रजक ने कहा कि इससे साफ है कि बैठकों और जमीन पर चुनावी रणनीति के बीच कोई तालमेल नहीं है।
--आईएएनएस
एसएके/पीएम

