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टीम मेरे लिए सबसे पहले, इस फॉर्मेट में नतीजा आपके हाथ में नहीं होता: संजू सैमसन

टीम मेरे लिए सबसे पहले, इस फॉर्मेट में नतीजा आपके हाथ में नहीं होता: संजू सैमसन
टीम मेरे लिए सबसे पहले, इस फॉर्मेट में नतीजा आपके हाथ में नहीं होता: संजू सैमसन

रांची, 9 अक्टूबर (आईएएनएस)। संजू सैमसन ने कहा कि भारत के ओपनर के तौर पर उनकी जिम्मेदारी टीम को मजबूत शुरुआत दिलाना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि लगातार कम स्कोर के बावजूद अपने खेलने के तरीके को बदलने की कोई गुंजाइश नहीं है।

शुक्रवार को जेएससीए इंटरनेशनल स्टेडियम में वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे टी20 इंटरनेशनल मुकाबले में उन्होंने 41 गेंदों पर 82 रनों की तूफानी पारी खेली, जिसके दम पर भारतीय टीम पहले बल्लेबाजी करते हुए 5 विकेट खोकर 249 रनों के टोटल तक पहुंचने में सफल रही।अपनी पारी में 9 चौके और 4 छक्के लगाने वाले सैमसन ने कहा कि उन्हें अपनी तैयारी और ट्रेनिंग पर भरोसा है, साथ ही उन्होंने माना कि सबसे छोटे फॉर्मेट में नतीजे हमेशा खिलाड़ी के हाथ में नहीं होते।

पारी के बाद सैमसन ने कहा, "भारत के लिए खेलने वाले एक प्रोफेशनल क्रिकेटर के तौर पर, आप निश्चित रूप से इसके प्रोफेशनल पहलू का ध्यान रखते हैं। आप अपनी तैयारी करते हैं, प्रैक्टिस करते हैं, ट्रेनिंग करते हैं, और जो कुछ भी आपके हाथ में है, वह सब करते हैं। हालांकि, सच कहूं तो हम सभी जानते हैं कि इस फॉर्मेट में नतीजा आपके हाथ में नहीं होता, लेकिन आगे बढ़ने का बस एक ही तरीका है।"

उन्होंने आगे कहा, "आप यह नहीं कह सकते कि मेरी तीन पारियां खराब रही हैं, इसलिए थोड़ा समय लेते हैं, अपनी पारी को आगे बढ़ाते हैं, और फिर देखेंगे। नहीं, आगे बढ़ने का बस एक ही तरीका है। मुझे लगता है कि टीम सबसे पहले आती है। मेरा काम बस अपने देश को शानदार शुरुआत दिलाना है, और मैं ऐसा करने की कोशिश करता हूं। आउट होने पर भी मैं जिम्मेदारी लेता हूं, इसलिए यह पूरी तरह ठीक है। रन न बना पाने के लिए मैं किसी और को दोष नहीं देता। यह मेरा काम है, और जब भी मैं मैदान पर उतरता हूं तो मैं इसे करने की कोशिश करता हूं।"

सैमसन की पारी ने भारत के बड़े स्कोर की नींव रखी। ईशान किशन ने भी 22 गेंदों पर 43 रन बनाए, जिसके बाद रोस्टन चेज ने उन्हें बोल्ड कर दिया। ऑफ-स्पिनर ने शिवम दुबे को भी 7 रन पर आउट किया, जबकि शमर स्प्रिंगर ने सैमसन की पारी का अंत किया। इसके बाद श्रेयस अय्यर ने 18 गेंदों में तेजी से 40 रन बनाकर पारी को गति दी, जबकि तिलक वर्मा महज 18 गेंदों में 44 रन बनाकर नाबाद रहे। इन दोनों की आक्रामक साझेदारी ने भारत को मिडिल-ऑर्डर में आई थोड़ी लड़खड़ाहट से उबरने और एक मजबूत स्कोर तक पहुंचने में मदद की।

--आईएएनएस

एसएम/डीकेपी

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