इंग्लैंड के सामने ढही टीम इंडिया, 125 रन से मिली टी20 इतिहास की सबसे बड़ी हार; वीडियो में जाने ट्रेंट ब्रिज में दिखे बर्थडे बॉय धोनी
इंग्लैंड ने नॉटिंघम के ट्रेंट ब्रिज मैदान पर खेले गए तीसरे टी20 मुकाबले में भारत को 125 रन से करारी शिकस्त देकर इतिहास रच दिया। 202 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम महज 76 रन पर सिमट गई। यह टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारत की रनों के लिहाज से सबसे बड़ी हार है। इसके साथ ही 76 रन भारत का इस प्रारूप में दूसरा सबसे कम स्कोर भी बन गया।
इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 201/7 का मजबूत स्कोर खड़ा किया। फिल सॉल्ट ने 70 रन की शानदार पारी खेली, जबकि सैम करन ने अंत में तेज़ 41 रन जोड़कर टीम को 200 के पार पहुंचाया। जवाब में भारतीय बल्लेबाजी पूरी तरह बिखर गई और कोई भी बल्लेबाज बड़ी पारी नहीं खेल सका। जोफ्रा आर्चर और जोश टंग ने भारतीय बल्लेबाजों पर कहर बरपाया।
वैभव सूर्यवंशी लगातार दूसरी बार रहे फ्लॉप
युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी एक बार फिर बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे। उन्होंने 13 रन बनाए और जोफ्रा आर्चर की तेज गेंदबाजी का शिकार बने। लगातार दूसरे मैच में उनका बल्ला नहीं चलने से भारतीय टीम को शुरुआती झटका लगा।
भारत के नाम दर्ज हुआ शर्मनाक रिकॉर्ड
इस हार के साथ भारत ने टी20 क्रिकेट में अपनी सबसे बड़ी हार का रिकॉर्ड दर्ज कर लिया। इससे पहले रनों के अंतर से भारत की सबसे बड़ी हार 2019 में न्यूजीलैंड के खिलाफ 80 रन की थी। वहीं, 76 रन का स्कोर टी20 अंतरराष्ट्रीय में भारत का दूसरा सबसे कम स्कोर है। सबसे कम स्कोर 74 रन है, जो भारत ने 2008 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मेलबर्न में बनाया था।
धोनी के बर्थडे पर स्टेडियम में गूंजा शोर
इस मुकाबले का एक खास आकर्षण भारत के पूर्व कप्तान एमएस धोनी की मौजूदगी भी रही। 7 जुलाई को अपना जन्मदिन मना रहे धोनी ट्रेंट ब्रिज स्टेडियम में मैच देखने पहुंचे। ब्लैक कोट और ब्लैक चश्मे में नजर आए धोनी की तस्वीर जैसे ही स्टेडियम की बड़ी स्क्रीन पर दिखाई गई, दर्शकों ने जोरदार तालियों और नारों से उनका स्वागत किया। धोनी की मौजूदगी ने भारतीय प्रशंसकों के बीच अलग ही उत्साह पैदा कर दिया।
सीरीज में इंग्लैंड की मजबूत पकड़
इस शानदार जीत के साथ इंग्लैंड ने पांच मैचों की टी20 सीरीज में अपनी स्थिति बेहद मजबूत कर ली है। दूसरी ओर, भारतीय टीम को अब वापसी के लिए अगले मुकाबलों में हर विभाग में बेहतर प्रदर्शन करना होगा। बल्लेबाजी की विफलता और शुरुआती विकेटों के लगातार गिरने ने टीम की रणनीति और प्रदर्शन पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

