टीबीमुक्त भारत के लिए ‘जोश’ अभियान लॉन्च, 58 हजार वॉलंटियर्स संभालेंगे जागरुकता की कमान
नई दिल्ली, 8 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारत में तपेदिक (टीबी) के खिलाफ लड़ाई में सामुदायिक भागीदारी को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय के सहयोग से गुरुवार को नई दिल्ली के भारत मंडपम में जोश (जोश-जॉइंट स्क्वाड फॉर हेल्थ) टीमों का शुभारंभ किया गया।
भारत में टीबी के खिलाफ लड़ाई को जनभागीदारी से और तेज करने की दिशा में ‘जोश’ अभियान की शुरुआत की गई है। इस पायलट प्रोग्राम के तहत 11 राज्यों के 55 जिलों में शुरू किए गए इस अभियान से करीब 58 हजार वॉलंटियर्स जुड़ेंगे। ये वॉलंटियर्स घर-घर जाकर टीबी के प्रति जागरूकता फैलाने के साथ लोगों को जांच और इलाज के लिए प्रेरित करेंगे। अभियान में एनसीसी कैडेट्स और मॉय भारत के वॉलंटियर्स भी भागीदारी कर रहे हैं।
इस मौके पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि भारत में टीबी के मामलों में 21 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है जबकि टीबी मरीजों के इलाज की कवरेज बढ़कर 92 प्रतिशत हो गई है। टीबी की पहचान के लिए अब हैंडहेल्ड एक्स-रे, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और एनएटी जैसी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल भी बढ़ रहा है।
स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए जनभागीदारी बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि वॉलंटियर्स की जिम्मेदारी सिर्फ जागरुकता फैलाने तक सीमित नहीं है बल्कि लोगों के मन से टीबी का डर और झिझक दूर करना, उन्हें जांच के लिए आगे लाना और मरीजों को समय पर इलाज से जोड़ना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। ‘जोश’ अभियान के जरिए सरकार का जोर जागरुकता, समय पर जांच और समय पर इलाज को जनआंदोलन का रूप देने पर है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने सभा को संबोधित करते हुए इस पहल को समर्थन देने के लिए खेल विभाग और रक्षा मंत्रालय को धन्यवाद दिया और कहा कि 58,000 स्वयंसेवक जमीनी स्तर पर काम करेंगे। नड्डा ने कहा, "मैं खेल विभाग और रक्षा मंत्रालय को हार्दिक धन्यवाद देना चाहता हूं, जिन्होंने इस सपने को साकार किया। संयुक्त स्वास्थ्य दल (जोश) की स्थापना हो चुकी है और हमारे 58,000 स्वयंसेवक गांव-गांव जाकर काम करेंगे। इसके लिए मैं आप सभी को धन्यवाद और बधाई देता हूं।"
उन्होंने कहा, "हम इस आंदोलन को सीमित नहीं करना चाहते। सरकार, समुदाय और नागरिकों को एक साथ आना चाहिए। टीबी मुक्त भारत के लिए हमें लोगों में जागरुकता पैदा करनी होगी। केवल जागरुकता पैदा करना और स्क्रीनिंग करना ही पर्याप्त नहीं है। हमें निदान और उपचार सुनिश्चित करना होगा, सामुदायिक भागीदारी बढ़ानी होगी और नए एवं अभिनव विचार लाने होंगे। हमें इस मिशन को पूरा करना होगा।"
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि एक स्वस्थ आबादी विकसित और समृद्ध भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए आवश्यक है। उन्होंने कहा, "हम एक समृद्ध भारत की ओर आगे बढ़ रहे हैं लेकिन यह तभी संभव है जब हम स्वस्थ हों। लोगों के स्वस्थ न होने पर विकास संभव नहीं है।" जोश टीमें युवा स्वयंसेवकों, एनसीसी कैडेटों, जन प्रतिनिधियों और सरकारी अधिकारियों को एक साथ लाकर टीबी उन्मूलन की दिशा में काम करेंगी।
उन्होंने कहा, "जब जोश टीमें एक साथ काम करेंगी, और हमारे युवा स्वयंसेवक, एनसीसी कैडेट, जन प्रतिनिधि और अधिकारी लोगों के बीच जाकर टीबी के खिलाफ इस लड़ाई को लड़ेंगे, तो हम देश से टीबी को पूरी तरह से खत्म करने में सक्षम होंगे।" उन्होंने कहा, "स्वास्थ्य, युवा और रक्षा हमारी 'त्रिशक्ति' हैं। जिस तरह से ये तीनों मिलकर काम कर रहे हैं, हम एक राष्ट्रीय मिशन पर हैं।"
पहले चरण में, यह पहल ब्लॉक/वार्ड और सामुदायिक स्तर पर जुड़ाव को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित करेगी, जिससे 'टीबी मुक्त भारत' का संदेश स्वास्थ्य सुविधाओं से आगे बढ़कर सीधे उन लोगों और समुदायों तक पहुंचेगा जहां वे रहते हैं, काम करते हैं और आपस में बातचीत करते हैं।
सामुदायिक पहुंच और सहभागिता के माध्यम से 'जोश' टीमें टीबी के लक्षणों, रोकथाम, समय पर जांच और उपचार पूरा करने से संबंधित महत्वपूर्ण संदेशों के प्रसार में सहयोग करेंगी। वे टीबी से जुड़े मिथकों और गलत धारणाओं को दूर करने, कलंक को कम करने तथा व्यक्तियों, परिवारों और समुदायों को राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन अभियान में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करने के प्रयासों में भी योगदान देंगी।
कार्यक्रम में युवा एवं खेल मंत्री मनसुख मांडविया, रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता मौजूद थी। इसके साथ ही संबंधित मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारी एवं हितधारकों के साथ-साथ निर्वाचित जनप्रतिनिधि, माई भारत स्वयंसेवक, एनसीसी कैडेट और भारत के टीबी उन्मूलन प्रयासों से जुड़े अन्य हितधारक एक साथ शामिल हुए।
--आईएएनएस
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