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टाटानगर के रेल विकास को मिली नई रफ्तार, तीसरी-चौथी रेल लाइन और स्टेशन पुनर्विकास से बढ़ेगी क्षमता

टाटानगर के रेल विकास को मिली नई रफ्तार, तीसरी-चौथी रेल लाइन और स्टेशन पुनर्विकास से बढ़ेगी क्षमता
टाटानगर के रेल विकास को मिली नई रफ्तार, तीसरी-चौथी रेल लाइन और स्टेशन पुनर्विकास से बढ़ेगी क्षमता

नई दिल्ली/जमशेदपुर, 26 अक्टूबर (आईएएनएस)। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोमवार को झारखंड में रेल अवसंरचना को मजबूत करने और कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए चल रही विभिन्न परियोजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि टाटानगर रेलवे स्टेशन और उससे जुड़े रेल नेटवर्क का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। इन परियोजनाओं के पूरा होने से न केवल रेल यातायात क्षमता बढ़ेगी, बल्कि यात्रियों को भी बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।

रेल मंत्री ने बताया कि टाटानगर रेलवे स्टेशन का व्यापक पुनर्विकास किया जा रहा है। इसके तहत स्टेशन की क्षमता बढ़ाई जाएगी। शहर के दोनों हिस्सों के बीच बेहतर संपर्क स्थापित होगा और भविष्य में नई ट्रेनों के संचालन का मार्ग भी प्रशस्त होगा।

टाटानगर को पूर्वी भारत के एक प्रमुख रेल केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं चल रही हैं। आदित्यपुर-टाटानगर-सलगाझरी खंड में तीसरी रेल लाइन का निर्माण कार्य जारी है। वहीं सीनी-कांड्रा और चांडिल-गम्हरिया खंडों में तीसरी और चौथी रेल लाइन विकसित करने की योजना पर काम किया जा रहा है।

इसके अलावा चांडिल-कांड्रा खंड में तीसरी और चौथी रेल लाइन निर्माण को मंजूरी मिल चुकी है, जबकि राजखरसावां-डंगोआपोसी खंड की तीसरी लाइन पहले ही चालू की जा चुकी है। इन परियोजनाओं से मालगाड़ियों और यात्री ट्रेनों के संचालन में तेजी आएगी तथा रेल नेटवर्क पर दबाव कम होगा।

स्टेशन पुनर्विकास योजना के तहत वर्तमान में मौजूद पांच प्लेटफॉर्मों की संख्या बढ़ाकर नौ करने का प्रस्ताव है। परियोजना के अंतर्गत स्टेशन के उत्तरी और दक्षिणी छोर पर नए स्टेशन भवनों का निर्माण किया जाएगा। साथ ही एयर कॉनकोर्स, सर्कुलेटिंग एरिया और आधुनिक पार्किंग सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। रेलवे यार्ड की क्षमता बढ़ाने के लिए अप ग्रिड में चार अतिरिक्त लूप लाइनों और तीन नए प्लेटफॉर्मों के निर्माण का भी प्रस्ताव रखा गया है।

रेलवे की योजना टाटानगर को वंदे भारत ट्रेनों के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की भी है। इसके लिए यहां आधुनिक कोचिंग डिपो और वंदे भारत ट्रेनों के रखरखाव के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचे का विकास किया जाएगा। इस संबंध में स्वीकृति की प्रक्रिया जारी है।

इसके अतिरिक्त क्षेत्र में यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कई रेलवे ओवरब्रिज और रेलवे अंडरब्रिज बनाए जा रहे हैं। टाटानगर के निकट सुंदरनगर में एक नए रेलवे स्टेशन का भी विकास किया जा रहा है।

रेल संपर्क को और मजबूत बनाने की दिशा में 26 अक्टूबर 2026 को सांतरागाछी-खातीपुरा एक्सप्रेस की उद्घाटन विशेष सेवा भी शुरू की गई। यह ट्रेन टाटानगर को उत्तर भारत और राजस्थान से बेहतर तरीके से जोड़ेगी।

यह सेवा टाटानगर, रांची, डालटनगंज, सासाराम, पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन, मिर्जापुर, प्रयागराज, कानपुर, आगरा और खातीपुरा समेत कई प्रमुख शहरों को आपस में जोड़ेगी, जिससे यात्रियों को सुविधाजनक यात्रा विकल्प मिलेगा।

रेल मंत्रालय के अनुसार, बेहतर रेल संपर्क और नई बुनियादी परियोजनाओं से टाटानगर तथा आसपास के क्षेत्रों में औद्योगिक, वाणिज्यिक, शैक्षणिक, रोजगार, पर्यटन और तीर्थाटन गतिविधियों को नई गति मिलेगी। साथ ही यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी और क्षेत्र के समग्र सामाजिक एवं आर्थिक विकास को भी मजबूती मिलेगी।

--आईएएनएस

एएमटी/वीसी

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