तटरक्षक बल को मिले समुद्री डकैतों के खिलाफ कार्रवाई करने वाले आधुनिक हेलीकॉप्टर
नई दिल्ली, 10 अप्रैल (आईएएनएस)। भारतीय तटरक्षक बल को चार अत्याधुनिक एएलएच एमके-3 हेलीकॉप्टर सौंपे गए हैं। ये हेलीकॉप्टर समुद्री में निगरानी व कार्रवाई को अंजाम देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने में सक्षम हैं। तटरक्षक बल को ये हेलिकॉप्टर शुक्रवार को देश की प्रमुख रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड द्वारा सुपुर्द किए गए।
इन हेलीकॉप्टर्स का इस्तेमाल समुद्री डकैतों के खिलाफ कार्रवाई में भी किया जा सकता है। हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड का कहना है कि यह उन्होंने ने तय समय सीमा के भीतर तटरक्षक बल को ये अत्याधुनिक एएलएच एमके-3 हेलीकॉप्टर सौंपे हैं। यानी यह यह उपलब्धि निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरी की गई, जिससे तटरक्षक बल की समुद्री सुरक्षा और संचालन क्षमता को और अधिक मजबूती मिली है।
तटरक्षक बल को ये हेलिकॉप्टर सौंपने का कार्यक्रम बैंगलुरु में आयोजित किया गया। हेलीकॉप्टरों से संबंधित दस्तावेज एरोनॉटिकल गुणवत्ता आश्वासन कार्यालय और हेलीकॉप्टर डिवीजन द्वारा कोच्चि और पोरबंदर स्थित तटरक्षक स्क्वाड्रनों को ये हेलिकॉप्टर सौंपे हैं। हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड का कहना है कि तटरक्षक बल को दिए गए ये हेलीकॉप्टर, मार्च 2024 में हस्ताक्षरित नौ हेलीकॉप्टरों के अनुबंध का हिस्सा है।
इस अवसर पर तटरक्षक बल के पश्चिमी समुद्री क्षेत्र के कमांडर राजेश मकवाना तथा वरिष्ठ अधिकारियों सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। इससे पहले, वर्ष 2022 तक हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड, समुद्री भूमिका कुल 16 एएलएच एमके-3 हेलीकॉप्टर तटरक्षक बल को सुपुर्द कर चुकी थी। इसके अतिरिक्त, मार्च 2026 में छह और हेलीकॉप्टरों के लिए नया अनुबंध भी किया गया है। इस प्रकार निरंतर आपूर्ति के माध्यम से तटरक्षक बल की हवाई क्षमताओं का विस्तार किया जा रहा है।
समुद्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले ये एएलएच एमके-3 हेलीकॉप्टर, स्वदेशी रूप से विकसित ध्रुव उन्नत हल्के हेलीकॉप्टर का समुद्री संस्करण हैं। यह दो इंजनों वाला बहुउद्देश्यीय हेलीकॉप्टर है, जो समुद्री निगरानी, खोज एवं बचाव अभियान व घायलों की निकासी में महत्वपूर्ण योगदान देता है। इसके अलावा ये हेलीकॉप्टर समुद्री डकैती विरोधी अभियानों, तटीय सुरक्षा, कानून प्रवर्तन व वीआईपी परिवहन में भी काम करता है। साथ इनके माध्यम से सैनिकों की आवाजाही व रसद सहायता और जैसे कई महत्वपूर्ण कार्यों को अंजाम दिया जा सकता है।
हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड के मुताबिक, इस हेलीकॉप्टर में आधुनिक एवियोनिक्स प्रणाली, अत्याधुनिक ग्लास कॉकपिट और रात में संचालन की उन्नत क्षमता मौजूद है। इन क्षमताओं के कारण यह हेलीकॉप्टर कठिन और चुनौतीपूर्ण समुद्री परिस्थितियों में भी प्रभावी ढंग से कार्य कर सकता है। इसकी बहु-भूमिका क्षमता भारतीय तटरक्षक बल को तेजी से बदलते समुद्री सुरक्षा परिदृश्य में अधिक सजग और सक्षम बनाती है।
तटरक्षक बल के अधिकारियों का कहना है कि समय पर हेलीकॉप्टरों की आपूर्ति तटरक्षक बल की हवाई शक्ति को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह न केवल देश की समुद्री सीमाओं की सुरक्षा को बढ़ाएगा, बल्कि आपातकालीन स्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने में भी मदद करेगा।
गौरतलब है कि यह पहल आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण को साकार करने के साथ-साथ देश की रक्षा क्षमताओं को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
--आईएएनएस
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