तरुण चुघ ने भगवंत मान को दी मानहानि की चेतावनी, कहा-सात दिन में माफी मांगें या कानूनी कार्रवाई झेलें
नई दिल्ली, 7 मई (आईएएनएस)। पंजाब में हाल के बम धमाकों और सुरक्षा घटनाओं को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ की ओर से वरिष्ठ वकील संकेत गुप्ता ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को कानूनी नोटिस भेजा है। नोटिस में आरोप लगाया गया है कि मुख्यमंत्री ने हालिया बम धमाकों को भाजपा से जोड़कर आपराधिक मानहानि और गलत जानकारी फैलाने का काम किया है।
कानूनी नोटिस में पंजाब के सीएम भगवंत मान से बिना शर्त माफी मांगने और अपने बयान वापस लेने की मांग की गई है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि सात दिनों के भीतर ऐसा नहीं किया गया, तो उनके खिलाफ आपराधिक और दीवानी कार्रवाई शुरू की जाएगी। भाजपा का आरोप है कि मुख्यमंत्री का बयान न केवल राजनीतिक रूप से गैर-जिम्मेदाराना है बल्कि इससे जनता के बीच भ्रम और तनाव भी फैल सकता है।
दिल्ली में आईएएनएस से बातचीत करते हुए भाजपा के महासचिव तरुण चुघ ने भगवंत मान के बयान को “अनुचित, बेतुका और आपराधिक मानसिकता से प्रेरित” बताया। उन्होंने कहा कि पंजाब में हाल ही में सीमा सुरक्षा बल मुख्यालय के पास धमाका हुआ, जिसके बाद अमृतसर छावनी क्षेत्र में बीएसएफ परिसर के निकट ग्रेनेड हमला भी हुआ।
चुघ ने आरोप लगाया कि अपराधियों को पकड़ने और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के बजाय मुख्यमंत्री ने सीधे भाजपा पर आरोप लगाना शुरू कर दिया। तरुण चुघ ने कहा कि पूरा देश इस बात से आहत है कि एक राष्ट्रवादी पार्टी पर इस तरह के आरोप लगाए जा रहे हैं, जिसने आतंकवाद और नक्सलवाद के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” की नीति अपनाई है।
उन्होंने कहा कि भाजपा नेतृत्व ने उन इलाकों में भी शांति स्थापित की, जहां कभी बड़े पैमाने पर हिंसा और सुरक्षा बलों पर हमले होते थे। ऑपरेशन सिंदूर जैसे राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े संवेदनशील समय में इस तरह के आरोप बेहद दुर्भाग्यपूर्ण हैं।
उन्होंने पंजाब की कानून-व्यवस्था को लेकर भी चिंता जताई। चुघ के अनुसार, राज्य में पुलिस थानों पर 22 से अधिक बम धमाके और ग्रेनेड हमले हो चुके हैं। उन्होंने दावा किया कि पंजाब पुलिस मुख्यालय, मंदिरों, गुरुद्वारों और भाजपा नेताओं को भी निशाना बनाया गया है। उन्होंने कहा कि भाजपा मुख्यालय और नेता मनोरंजन कालिया पर हुए हमले इसकी गंभीरता को दर्शाते हैं।
तरुण चुघ ने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार राज्य की सुरक्षा चुनौतियों को गंभीरता से लेने के बजाय राजनीतिक विरोधियों पर आरोप लगाने में लगी हुई है। उन्होंने कहा कि पंजाब की शांति और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए, न कि राजनीतिक बयानबाजी।
बता दें कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पिछले दिनों कहा था कि बंगाल चुनाव खत्म हो चुके हैं और भाजपा ने खुद कहा है कि अब पंजाब की बारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि हाल ही में हुआ धमाका पंजाब में भाजपा की तैयारियों का ही एक हिस्सा है। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि भाजपा को इस तरह की गतिविधियों से बचना चाहिए।
--आईएएनएस
एसएके/पीएम

