तरुण चुघ ने बताई टीएमसी के अंदर मची कलह की असली वजह
मुंबई, 12 जून (आईएएनएस)। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के अंतर्कलह के पीछे की वजह बताई।
समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में उन्होंने कहा कि आज की तारीख में पश्चिम बंगाल में स्थिति कैसी है, यह बात किसी से छुपी नहीं है, लेकिन हमें यह समझना होगा कि ऐसी स्थिति क्यों बनी हुई है। यह पूर्व में टीएमसी की ओर से किए गए पापों का ही नतीजा है कि आज टीएमसी स्थिति बनी हुई है। यह टीएमसी की लूट खसोट का नतीजा है। राज्य में टीएमसी की विश्वसनीयता पूरी तरह से समाप्त हो चुकी है, उसे कोई पूछने वाला नहीं है।
तरुण चुघ ने पुराने मुद्दों का जिक्र करते हुए राहुल गांधी को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि सिख विरोधी दंगों का जिम्मेदार कौन है? यह बात किसी से छुपी नहीं है। किन लोगों ने सिख समुदाय के लोगों को मारा, यह बात किसी से छुपी नहीं है। आज भी दिल्ली में विधवा कॉलोनी है। इसके इतर, मध्य प्रदेश में गैस त्रासदी का जिम्मेदार कौन था? बेफोर्स में दलाली किसने खाई थी? आखिर कौन हैं वो लोग, जो विदेशी जांच एजेंसियों का सहारा लेकर काम कर रहे हैं और मौजूदा राजनीतिक स्थिति को अपने पक्ष में करने की कोशिश करते हैं।
उन्होंने कहा, मैं एक बात साफ कर देना चाहता हूं कि कांग्रेस के लोगों के चाल चरित्र और चेहरे से देश की जनता वाकिफ हो चुकी है। अब इन लोगों को कुछ भी प्राप्त होने वाला नहीं है।
साथ ही, उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भी उपलब्धियां गिनाईं। उनके मुताबिक आज की तारीख में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हर क्षेत्र में सफलता का परचम लहराया जा रहा है। हम लोग दोहरी गति से विकास कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने अपने कामों के दम पर इस देश की जनता को प्रभावित करने का काम किया है। ऐसी स्थिति में मैं यह साफ कर देना चाहता हूं कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी को कुछ भी प्राप्त होने वाला नहीं है, लिहाजा मेरी उन्हें यह सलाह रहेगी कि वो किसी भी सूरत में देश की जनता को गुमराह करने की कोशिश नहीं करें। वैसे भी अगर वो किसी को भी गुमराह करने की कोशिश करेंगे, तो उन्हें कुछ भी प्राप्त होने वाला नहीं है।
इसके अलावा, उन्होंने हरियाणा सरकार के उस फैसले का भी स्वागत किया जिसमें कक्षा आठवीं की इतिहास की पुस्तक में सिख इतिहास को पढ़ाए जाने का फैसला किया है। भाजपा नेता तरुण चुघ ने इस फैसले को स्वागतयोग्य बताते हुए कहा कि इससे बच्चों को सिख इतिहास के बारे में पता चलेगा। उन्हें पता चलेगा कि राष्ट्र निर्माण की दिशा में सिख समुदाय ने किस तरह का योगदान दिया। यह एक अच्छा कदम है। सिख समुदाय के संदेश के बारे में लोगों को पता चलेगा। इससे पहले प्रधानमंत्री दोनों साहिबजादों के संदेश को वीर बाल दिवस का मनाने का फैसला किया, जिस पर मौजूदा समय में अमल किया जा रहा है। जम्मू-कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक वीर साहिबजादों के बलिदान को याद किया जाता है कि चाहे कुछ भी हो जाए, हम किसी भी सूरत में इस्लाम को स्वीकार नहीं करेंगे। उनकी शहादत को याद किया जाएगा। वहीं, गुरू तेग बहादुर दिवस को पूरे देश मनाया जाता है।
--आईएएनएस
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