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टैरिफ दबाव के बीच पुतिन ने की पीएम मोदी की भूमिका की सराहना, डिफेंस एक्सपर्ट ने बताई इसकी वजह

नई दिल्ली, 3 अक्टूबर (आईएएनएस) । भारत पर अमेरिका की ओर से बनाए जा रहे टैरिफ दबाव के बीच रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भूमिका की सराहना की। डिफेंस एक्सपर्ट हेमंत महाजन (सेवानिवृत्त रक्षा विशेषज्ञ ब्रिगेडियर) ने आईएएनएस को बताया कि आखिर इसके पीछे क्या कारण हो सकता है।
टैरिफ दबाव के बीच पुतिन ने की पीएम मोदी की भूमिका की सराहना, डिफेंस एक्सपर्ट ने बताई इसकी वजह

नई दिल्ली, 3 अक्टूबर (आईएएनएस) । भारत पर अमेरिका की ओर से बनाए जा रहे टैरिफ दबाव के बीच रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भूमिका की सराहना की। डिफेंस एक्सपर्ट हेमंत महाजन (सेवानिवृत्त रक्षा विशेषज्ञ ब्रिगेडियर) ने आईएएनएस को बताया कि आखिर इसके पीछे क्या कारण हो सकता है।

आईएएनएस को दिए इंटरव्यू में हेमंत महाजन (सेवानिवृत्त रक्षा विशेषज्ञ ब्रिगेडियर) ने कहा, "पहले तो रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने कहा कि अमेरिका ने जो टैरिफ लगाया है, उसके चलते रूस से तेल खरीदना चीन और भारत बंद नहीं कर सकते हैं। अगर ऐसा होता है तो इसका बुरा असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा, क्योंकि भारत और चीन को ओपन मार्केट से तेल खरीदना पड़ेगा। जब डिमांड बढ़ेगी तो खुद-ब-खुद ओपन मार्केट में जो कीमतें हैं, वह ऊपर जाएंगी, जो अच्छी बात नहीं है।"

उन्होंने आगे कहा कि दूसरा, इससे जो संसाधन आर्थिक रूप से रूस को मिलते हैं, वह कम हो जाएगा। यह रूस का नुकसान है। इसलिए पुतिन कह रहे हैं कि इस प्रकार का टैरिफ गलत है।

पीएम मोदी के लिए पुतिन के समर्थन पर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का समर्थन करने के दो कारण हैं—पहला, अभी दिसंबर महीने में भारत और रूस के बीच एक वार्षिक शिखर सम्मेलन होने वाला है, जिसमें आर्थिक संबंध, रणनीतिक संबंध, रक्षा सहयोग, तकनीकी सहयोग और अलग-अलग मुद्दों पर बातचीत होगी। पुतिन चाहते हैं कि भारत और रूस का संबंध आगे बढ़े, जिससे रूसी अर्थव्यवस्था को मदद मिले। इसलिए वह हमारे प्रधानमंत्री की तारीफ करते हैं। लेकिन, इसमें सबसे महत्वपूर्ण यह है कि क्या हमें रूस से सस्ता तेल खरीदना चाहिए या नहीं।

डिफेंस एक्सपर्ट ने कहा कि जब तक तेल सस्ता है, तब तक हमें जरूर खरीदना चाहिए। अगर अमेरिका हमें तेल ऑफर करता है, और वह कीमत रूस से कम है, तो हम रूस के बजाय अमेरिका से तेल क्यों न लें? जो ट्रेड डेफिसिट है, वह अमेरिका और भारत के बीच बहुत ज्यादा है, इसलिए हमें अमेरिका से आयात बढ़ाना चाहिए। ईरान हो या कोई और गल्फ देश हो, अगर हमें तेल सस्ते में मिल रहा है, तो हमें लेना चाहिए। सस्ते दामों पर तेल खरीदना हमारे देश की अर्थव्यवस्था के लिए अच्छा होता है।

-- आईएएनएस

कनक/जीकेटी

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