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तंजानिया के दार-ए-सलाम पहुंचा भारतीय युद्धपोत आईएनएस त्रिकंद

नई दिल्ली, 5 अप्रैल (आईएएनएस)। भारतीय नौसेना का युद्धपोत आईएनएस त्रिकंद तंजानिया के दार-ए-सलाम बंदरगाह पर पहुंचा है। भारतीय युद्धपोत की मौजूदगी में यहां दोनों देशों की नौसेनाओं के बीच एक महत्वपूर्ण संयुक्त प्रशिक्षण होगा। इसके अलावा दोनों देशों के नौसैनिकों के बीच खेल प्रतियोगिताएं, योग सत्र और सामाजिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
तंजानिया के दार-ए-सलाम पहुंचा भारतीय युद्धपोत आईएनएस त्रिकंद

नई दिल्ली, 5 अप्रैल (आईएएनएस)। भारतीय नौसेना का युद्धपोत आईएनएस त्रिकंद तंजानिया के दार-ए-सलाम बंदरगाह पर पहुंचा है। भारतीय युद्धपोत की मौजूदगी में यहां दोनों देशों की नौसेनाओं के बीच एक महत्वपूर्ण संयुक्त प्रशिक्षण होगा। इसके अलावा दोनों देशों के नौसैनिकों के बीच खेल प्रतियोगिताएं, योग सत्र और सामाजिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।

दार-ए-सलाम में भारतीय समुद्री जहाज पर एक सांस्कृतिक संध्या का आयोजन होगा, जिससे दोनों देशों के लोगों के बीच आपसी जुड़ाव मजबूत होगा। भारतीय नौसेना का कहना है कि आईएनएस त्रिकंद 3 अप्रैल को तंजानिया के दार-ए-सलाम बंदरगाह पर पहुंचा है। भारतीय युद्धपोत की यह यात्रा दक्षिण-पश्चिम हिंद महासागर क्षेत्र में चल रही तैनाती का हिस्सा है।

इस दौरे का उद्देश्य भारत और तंजानिया के बीच समुद्री सहयोग को मजबूत करना और द्विपक्षीय संबंधों को और बेहतर बनाना है। संबंधों को मजबूती देने के लिए यहां नौसेनाओं के बीच संयुक्त प्रशिक्षण के साथ-साथ पेशेवर गतिविधियां भी आयोजित की जाएंगी।

रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि इससे आपसी तालमेल और सहयोग बढ़ेगा। इस यात्रा के दौरान भारतीय नौसेना से तंजनिया को कई महत्वपूर्ण सामग्री भी सौंपेगी। यह सामाग्री नौसेना भारत से अपने साथ लेकर चली थी। वहीं, इस दौरान आईएनएस त्रिकंद के कमांडिंग अधिकारी यहां तंजानिया पीपुल्स डिफेंस फोर्स और सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात करेंगे। यह दौरा भारत की ‘महासागर’ पहल के तहत हो रहा है, जिसका उद्देश्य क्षेत्र में सुरक्षा और विकास के लिए आपसी सहयोग को बढ़ावा देना है।

आईएनएस त्रिकंद भारतीय नौसेना का अग्रिम पंक्ति का गाइडेड मिसाइल फ्रिगेट है। त्रिकंद ने हाल ही में मोजाम्बिक की यात्रा पूरी की थी। मार्च के अंत में यह भारतीय युद्धपोत मोजाम्बिक के मापुटो बंदरगाह की अपने अगले गंतव्य के लिए रवाना हुआ था। मोजाम्बिक के मापुटो बंदरगाह की यह 29 मार्च को पूरी हुई थी। इसके बाद युद्धपोत वहां से रवाना हो गया था।

जब जहाज मापुटो में रुका हुआ था, तब भारतीय नौसेना और मोजाम्बिक नौसेना के बीच कई तरह की ट्रेनिंग और साझा गतिविधियां हुई थीं। इनका मकसद यह था कि दोनों देश मिलकर समुद्र में सुरक्षा के मामलों में बेहतर तालमेल बना सकें और जरूरत पड़ने पर एक-दूसरे के साथ आसानी से काम कर सकें।

--आईएएनएस

जीसीबी/डीकेपी

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