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तमिलनाडु में हाईवे साइनबोर्ड पर हिंदी लिखने पर 2 इंजीनियर सस्पेंड, वीडियो में जाने सरकार ने हटाए हिंदी में लिखे नाम

तमिलनाडु में हाईवे साइनबोर्ड पर हिंदी लिखने पर 2 इंजीनियर सस्पेंड, वीडियो में जाने सरकार ने हटाए हिंदी में लिखे नाम

तमिलनाडु में हाईवे के साइनबोर्ड पर हिंदी में जगहों के नाम लिखे जाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। तूतीकोरिन जिले के सत्तानकुलम-नाजरेथ स्टेट हाईवे (SH-93) पर लगाए गए एक नए साइनबोर्ड में तमिल और अंग्रेजी के साथ हिंदी में भी कस्बों के नाम लिखे गए थे। मामला सामने आने के बाद तमिलनाडु सरकार ने कार्रवाई करते हुए हाईवे विभाग के दो अधिकारियों को निलंबित कर दिया। साथ ही साइनबोर्ड से हिंदी के नाम हटा दिए गए हैं।

दो भाषा नीति का उल्लंघन बताया

तमिलनाडु सरकार के मुताबिक राज्य में सरकारी साइनबोर्ड और विभागीय कामकाज में तमिल और अंग्रेजी की दो-भाषा नीति लागू है। ऐसे में स्टेट हाईवे के साइनबोर्ड पर हिंदी का इस्तेमाल इस नीति के विपरीत माना गया। सरकार ने कहा कि मामले में जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है और भविष्य में ऐसी गलती दोहराए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।यह साइनबोर्ड सत्तानकुलम-नाजरेथ मार्ग पर करुमेनी नदी के पुल के पास लगाया गया था। इसमें तूतीकोरिन, तिरुचेंदूर, अलवारथिरुनगरी और तिरुनेलवेली जैसे स्थानों की दिशा बताई गई थी। इन जगहों के नाम तमिल, हिंदी और अंग्रेजी तीनों भाषाओं में दिखाई दे रहे थे। साइनबोर्ड की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद मामला तेजी से चर्चा में आया।

सामने आते ही हटाए गए हिंदी नाम

सरकार का कहना है कि जैसे ही उसे साइनबोर्ड पर हिंदी लिखे होने की जानकारी मिली, हिंदी के शब्दों को तत्काल हटा दिया गया। इसके बाद संबंधित हाईवे अधिकारियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई। रिपोर्टों के मुताबिक विभाग के असिस्टेंट डिविजनल इंजीनियर और असिस्टेंट इंजीनियर को मामले के लिए जिम्मेदार माना गया है।सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि राज्य की दो-भाषा नीति से समझौता नहीं किया जाएगा। अधिकारियों को नीति और सरकारी निर्देशों का पालन करने की हिदायत दी गई है।

2026 में हिंदी को लेकर तीसरा विवाद

तमिलनाडु में 2026 के दौरान हिंदी में लिखे नाम या शब्द हटाए जाने से जुड़ा यह तीसरा चर्चित मामला बताया जा रहा है। इससे पहले मार्च में तिरुचिरापल्ली डिविजनल रेलवे ऑफिस के नए भवन के प्रवेश द्वार पर लिखे गए ‘कर्तव्य द्वार’ को लेकर विवाद हुआ था और हिंदी शब्द को हटा दिया गया था।इसी महीने सिंगानल्लूर रेलवे स्टेशन पर हिंदी में लिखे ‘सिंगानल्लूर’ नाम को द्रविड़ियन दलों के कार्यकर्ताओं द्वारा काला किए जाने का मामला भी सामने आया था। अब स्टेट हाईवे के साइनबोर्ड पर हिंदी लिखे जाने के बाद एक बार फिर तमिलनाडु की भाषा नीति चर्चा में आ गई है।तमिलनाडु में भाषा का मुद्दा लंबे समय से राजनीतिक और सामाजिक बहस का विषय रहा है। राज्य सरकार की मौजूदा नीति तमिल और अंग्रेजी के इस्तेमाल पर आधारित है। ऐसे में सरकारी विभाग के किसी साइनबोर्ड पर हिंदी का इस्तेमाल होने पर प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई की है।

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