हम हिंदुओं के नहीं, बल्कि हिंदुत्व के खिलाफ हैं : तमिलनाडु के मंत्री आधव अर्जुन
चेन्नई, 14 मई (आईएएनएस)। तमिलनाडु के नेता प्रतिपक्ष उदयनिधि स्टालिन की 'सनातन विरोधी' टिप्पणी पर विवाद खड़ा होने के बाद, मंत्री और तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) के नेता आधव अर्जुन ने गुरुवार को कहा कि उनकी पार्टी 'हिंदुओं के खिलाफ नहीं, बल्कि हिंदुत्व के खिलाफ है।'
पत्रकारों से बात करते हुए, मंत्री आधव अर्जुन ने स्पष्ट किया कि टीवीके जाति और धर्म के आधार पर भेदभाव के खिलाफ है। उन्होंने कहा, "हम हमेशा हिंदुओं, ईसाइयों और मुसलमानों को समान मानते हैं। हम सभी मान्यताओं का सम्मान करते हैं।"
उन्होंने आगे कहा कि हालांकि व्यक्तिगत रूप से वह भगवान में विश्वास नहीं करते, लेकिन एक मंत्री और विधायक के तौर पर वह सभी धर्मों और जातियों का सम्मान करते हैं। अर्जुन ने कहा, "मुझे सम्मान करना है और हमारे नेता (मुख्यमंत्री विजय) को भी। यही भारतीय संविधान है। हम किसी भी तरह की ऊंच-नीच में विश्वास नहीं करते।"
मंत्री ने कहा, "हम हिंदुओं के खिलाफ नहीं हैं; हम हिंदुत्व के खिलाफ हैं। हिंदुत्व का मतलब है किसी पर अपना धर्म थोपना। 'सनातन' की अक्सर गलत व्याख्या की जाती है। उत्तर भारत में, सनातन का मतलब 'हिंदू' होता है, लेकिन तमिलनाडु में, 'सनातन धर्म' का मतलब असमानता है। विवाद हमेशा इसी बात पर होता है।"
मंत्री अर्जुन ने तमिलनाडु के नेता प्रतिपक्ष से अपने बयान पर स्पष्टीकरण देने का आग्रह किया। उन्होंने अपनी बात दोहराते हुए कहा, "हम असमानता के खिलाफ हैं, लेकिन हम किसी भी धर्म के खिलाफ नहीं हैं।"
नई टीवीके-नीत सरकार के कार्यों के संबंध में, मंत्री अर्जुन ने कहा, "लोग चाहते हैं कि काम जमीन पर उतरें, इसलिए हमारे मुख्यमंत्री ने हर विधायक को निर्देश दिया है कि वे उच्च अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठकें शुरू करें, विशेष रूप से निगम, पुलिस, जल प्रबंधन, जल निकासी और स्कूली शिक्षा विभागों के साथ।"
अर्जुन ने मुख्यमंत्री विजय के 700 से अधिक तसमाक शराब की दुकानों को बंद करने के आदेश का जिक्र किया और बताया कि महिलाओं की सुरक्षा एक बड़ा मुद्दा है।
राज्य में नशीले पदार्थों की बिक्री रोकने के लिए, अर्जुन ने कहा कि पुलिस विभाग के साथ एक 'सकारात्मक बातचीत' की गई। मंत्री अर्जुन ने कहा, "पुलिस नशीले पदार्थों के साथ-साथ महिलाओं की सुरक्षा के मामले में भी कार्रवाई करेगी। मैंने हर पुलिस स्टेशन को सीसीटीवी निगरानी के दायरे में लाने का भी अनुरोध किया है। हम पुलिस विभाग को आईटी सहायता देने के लिए तैयार हैं।"
उन्होंने आगे कहा, "यह कोई आदेश नहीं है। सिस्टम को काम करना होगा। हम सहायता देने के लिए तैयार हैं। हम अपने नेता (मुख्यमंत्री विजय) का अनुसरण करेंगे, जिन्होंने कहा था कि वे लोगों के पैसे का एक भी पैसा नहीं छूएंगे। आप तीन महीने बाद (हमारे प्रदर्शन की) रिपोर्ट दे सकते हैं।"
--आईएएनएस
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