Samachar Nama
×

तमिलनाडु: मंत्री आधव अर्जुन ने डीएमके पर साधा निशाना, लगाए गंभीर आरोप

तमिलनाडु: मंत्री आधव अर्जुन ने डीएमके पर साधा निशाना, लगाए गंभीर आरोप
तमिलनाडु: मंत्री आधव अर्जुन ने डीएमके पर साधा निशाना, लगाए गंभीर आरोप

चेंगलपट्टू, 27 सितंबर (आईएएनएस)। तमिलनाडु सरकार में कैबिनेट मंत्री आधव अर्जुन (चुनाव प्रबंधन प्रभारी) और राजमोहन ने मदुरंथकम विधानसभा उपचुनाव में तमिलगा वेट्री कजगम (टीवीके) के उम्मीदवार मरगथम कुमारवेल के समर्थन में प्रचार किया। टीवीके की प्रचार सभा में बोलते हुए मंत्री आदव अर्जुन ने डीएमके सरकार की कड़ी आलोचना की।

उन्होंने कहा कि शुरुआत में वे आशंकाओं के साथ चुनाव मैदान में उतरे थे, और उन्हें यह भी संदेह था कि क्या वे नामांकन पत्र दाखिल कर पाएंगे, मतदान केंद्रों तक पहुंच पाएंगे, या डीएमके जैसी अपार वित्तीय और बाहुबल वाली पार्टी के खिलाफ खड़े हो पाएंगे। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि वित्तीय ताकत की कमी के बावजूद, माताओं, बहनों और आम जनता द्वारा डाले गए वोटों की बदौलत उन्हें जीत मिली है।

उन्होंने कहा कि जनता ने यह सुनिश्चित कर दिया है कि डीएमके को विपक्ष की बेंचों पर बैठना पड़ेगा। उन्होंने आगे बताया कि उनके विरोधियों ने उन्हें कम आंका था, यह सोचकर कि वे केवल सीटी बजाने में सक्षम हैं। अंततः, वही सीटी उनकी पार्टी का प्रतीक बन गई, और उन्होंने विपक्ष पर निर्णायक रूप से 'सीटी बजाकर' पलटवार किया।

अपने भाषण को जारी रखते हुए मंत्री ने आग्रह किया कि मदुरंथकम से उठ रही बुलंद आवाज धरपुरम में भी सुनी जानी चाहिए, जिसमें दोनों निर्वाचन क्षेत्रों में एक लाख वोटों के अंतर से जीत की मांग की गई है।

डीएमके और उदयनिधि स्टालिन की आलोचना करते हुए उन्होंने उदयनिधि के पिछले दिन धरपुरम में दिए गए भाषण का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जहां उनके नेता जनता के लिए विधानसभा बनाने का लक्ष्य रखते हैं, वहीं मौजूदा सत्ताधारी पार्टी, जो कभी विधानसभा में दूसरों के सिर खुजलाने की आलोचना करती थी। अब खुद वही कर रही है। उन्होंने टिप्पणी की कि जो लोग सत्ता में रहते हुए गीत गाते थे, अब दूसरों के गीत गाने पर शिकायत करते हैं।

इसके अलावा, उदयनिधि पर एक महिला उम्मीदवार के बगल में खड़े होने के दौरान अश्लील बातें करने का आरोप लगाते हुए... उन्होंने पार्टी के विकास की आलोचना की—अन्ना द्वारा पोषित और कलाइग्नार द्वारा संरक्षित पार्टी से लेकर एमके स्टालिन के पांच साल के शासन तक, जिसके बाद जनता ने उन्हें निर्णायक रूप से नकार दिया। उन्होंने टिप्पणी की कि मौजूदा डीएमके 'उदयनिधि की डीएमके' है, जिसकी एकमात्र पहचान अश्लील भाषा का प्रयोग है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या उदयनिधि विपक्ष के नेता बनने के योग्य हैं, यह देखते हुए कि जहां कलाइग्नार दावा करते थे कि डीएमके को कोई नष्ट नहीं कर सकता, वहीं अब किसी बाहरी ताकत की जरूरत नहीं है। एमके स्टालिन के बेटे उदयनिधि ही पार्टी को बर्बाद करने के लिए काफी हैं।

--आईएएनएस

एमएस/

Share this story