मणिपुर : तामेंगलोंग ने एएसएमआईटीए लीग स्पोर्ट्स और फ्री हेल्थ कैंप के साथ इंटरनेशनल विमेंस डे मनाया
तामेंगलोंग (मणिपुर), 8 मार्च (आईएएनएस)। इंटरनेशनल विमेंस डे के अवसर पर 7 मार्च को तामेंगलोंग के लोअर ग्राउंड में एक उत्साहपूर्ण और सशक्तिकरण से भरा कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस विशेष इवेंट में देशव्यापी एएसएमआईटीए लीग का सफलतापूर्वक लॉन्च किया गया, जो ग्रामीण क्षेत्रों की लड़कियों और महिलाओं को एथलेटिक्स में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रोत्साहित करने वाली एक महत्वपूर्ण खेल पहल है।
एएसएमआईटीए लीग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप महिलाओं को खेलों में सशक्त बनाने और उन्हें करियर के रूप में आगे बढ़ाने का माध्यम है। यह कार्यक्रम युवा मामले एवं खेल मंत्रालय के तहत एमवाई भारत, सोशियो-इकोनॉमिक एक्शन ट्रस्ट (तामेंगलोंग ब्रांच), खेलो इंडिया सेंटर और जिला युवा मामले एवं खेल कार्यालय के संयुक्त प्रयास से आयोजित किया गया। पूरे देश में 250 से अधिक स्थानों पर एक साथ आयोजित होने वाली इस लीग का उद्देश्य महिलाओं को ट्रैक पर लाना, आत्मविश्वास बढ़ाना और खेल प्रतिभाओं को पहचानना है। तामेंगलोंग में यह इवेंट महिलाओं के सशक्तिकरण और स्वास्थ्य जागरूकता का अनोखा मिश्रण साबित हुआ।
कार्यक्रम की शुरुआत मिसेज अजिन बारियम की प्रार्थना और सोइहियम सेल्फ हेल्प ग्रुप (एसएचजी) के संगीतमय प्रदर्शन से हुई। मिस गुइखानलियू मलिंगमेई ने इवेंट की मेजबानी की। मुख्य अतिथि और तामेंगलोंग जिला युवा अधिकारी चुनथुइंगम डांगमेई ने मुख्य भाषण में खेलों की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने युवा लड़कियों से अपील की कि एथलेटिक्स को मात्र शौक न समझें, बल्कि इसे सशक्तिकरण और संभावित करियर का रास्ता मानें। उन्होंने कहा कि खेल न केवल शारीरिक स्वास्थ्य सुधारते हैं, बल्कि मानसिक मजबूती और आत्मनिर्भरता भी प्रदान करते हैं।
कार्यक्रम में महिला सशक्तिकरण पर विशेष टॉक सत्र भी हुआ, जिसमें तामेंगलोंग बैपटिस्ट चर्च की संडे स्कूल इंचार्ज मिसेज एनिंग आर पनमेई ने हिस्सा लिया। उन्होंने स्थानीय समुदाय में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि महिलाएं परिवार, समाज और राष्ट्र की नींव हैं। उनकी भागीदारी से ही समुदाय मजबूत होता है।
स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए आयोजकों ने ग्राउंड पर एक फ्री आयुष हेल्थ कैंप का आयोजन किया, जहां प्रतिभागियों को आयुर्वेद, योग और अन्य पारंपरिक चिकित्सा से संबंधित जांच और सलाह दी गई। यह कदम महिलाओं की समग्र भलाई सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया।
धन्यवाद ज्ञापन सोशियो-इकोनॉमिक एक्शन ट्रस्ट की मिसेज असोंगडिन कामेई ने किया, जबकि समापन प्रार्थना मिसेज डिफुनलियू पामेई ने की। औपचारिक कार्यक्रम के बाद मुख्य आकर्षण एथलेटिक रेस शुरू हुई। स्थानीय लड़कियों ने तीन आयु वर्गों, अंडर-13, 13-18 वर्ष और 18 वर्ष से अधिक, में 100 मीटर, 200 मीटर और 400 मीटर स्प्रिंट में उत्साह से भाग लिया। प्रतियोगिताओं के अलावा रस्साकशी जैसी टीम-बिल्डिंग गतिविधियां और स्थानीय नृत्य प्रदर्शन ने माहौल को और जीवंत बनाया।
--आईएएनएस
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