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टी-20 विश्व कप में भारत और पाकिस्तान के बीच मैच नहीं होना चाहिए: वारिस पठान

मुंबई, 14 फरवरी (आईएएनएस)। टी-20 विश्व कप में 15 फरवरी को श्रीलंका के कोलंबो में भारत और पाकिस्तान के बीच महामुकाबला खेला जाएगा। एआईएमआईएम नेता वारिस पठान ने इस मैच पर विरोध जताते हुए कहा कि भारत को पाकिस्तान के साथ मैच नहीं खेलना चाहिए।
टी-20 विश्व कप में भारत और पाकिस्तान के बीच मैच नहीं होना चाहिए: वारिस पठान

मुंबई, 14 फरवरी (आईएएनएस)। टी-20 विश्व कप में 15 फरवरी को श्रीलंका के कोलंबो में भारत और पाकिस्तान के बीच महामुकाबला खेला जाएगा। एआईएमआईएम नेता वारिस पठान ने इस मैच पर विरोध जताते हुए कहा कि भारत को पाकिस्तान के साथ मैच नहीं खेलना चाहिए।

भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मैच पर वारिस पठान ने मुंबई में आईएएनएस से बातचीत में कहा कि बहुत अफसोस की बात है कि हम मैच खेल रहे हैं। पुलवामा आतंकी हमले को सात साल हो गए। ऐसे ही लाल किले के बाहर जो विस्फोट हुआ, उसमें जैश-ए-मोहम्मद का नाम आया था। पाकिस्तान हमेशा आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा देता है। पहलगाम में देखा कि पाकिस्तानी दरिंदों ने हमारी बहनों के सामने उनके पतियों को मार डाला। इसके जवाब में भारत ने ऑपरेशन सिंदूर और ऑपरेशन महादेव जैसे कदम उठाए। भारत से सांसदों के प्रतिनिधिमंडल ने विदेशों में जाकर पाकिस्तान की आतंकी सोच को बेनकाब किया। फिर भी भारत पाकिस्तान के साथ मैच क्यों खेल रहा है?

उन्होंने कहा कि हमने ट्रेड छोड़ दिया, सभी नाते तोड़ दिए, लेकिन मैच क्यों खेल रहे हैं। मैं मानता हूं कि मैच नहीं होना चाहिए। हमारे क्रिकेट बोर्ड को इस मैच को लेकर गंभीर चिंतन करने की जरूरत है। अगर हम मैच खेलते हैं तो हम उन्हें क्या जवाब देंगे, जिन्होंने पहलगाम में अपना सिंदूर खो दिया?

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान कहता है कि हम भारत के साथ मैच नहीं खेलेंगे, लेकिन पाकिस्तान की क्या हैसियत है। भारत को कहना चाहिए कि वह पाकिस्तान के साथ मैच नहीं खेलेगा।

टीपू सुल्तान की तस्वीर विवाद पर वारिस पठान ने कहा कि इन्हें टीपू सुल्तान की फोटो लगाने से क्या दिक्कत है। टीपू सुल्तान वह शख्सियत हैं जिन्होंने ब्रिटिशों के खिलाफ जंग लड़ी और उन्हें धूल चटाई। इतनी महान हस्ती से इन्हें नफरत क्यों है। मुझे यह समझ नहीं आ रहा। भारत के संविधान में टीपू सुल्तान की तस्वीर है, उनके बाजू में रानी लक्ष्मीबाई की तस्वीर है। इन लोगों को किसी न किसी तरह नफरत करनी है, सियासत करनी है। इन्हें किसकी फोटो लगानी है, जिसने राष्ट्रपिता की हत्या कर दी? इन्हें उससे मोहब्बत है, टीपू सुल्तान से नहीं।

उन्होंने कहा कि आरएसएस और भाजपा वाले उन सभी का विरोध करेंगे जिन्होंने जंग-ए-आजादी में हिस्सा लिया। यह मुसलमानों से नफरत क्यों करते हैं? क्योंकि हम वह लोग हैं जिन्होंने जंग-ए-आजादी में अपनी जानें गंवाई हैं। जंग-ए-आजादी में आरएसएस कहां था। मुझे आरएसएस के किन्हीं दो लोगों के नाम बताओ जो 'वंदे मातरम्' पढ़ते हुए फांसी पर चढ़ गए या जेल चले गए। इन्हें कुछ काम नहीं, केवल नफरत फैलानी है। अब क्या संविधान से भी निकाल देंगे। जो इतिहास है, आप उसे नहीं मिटा सकते।

परभणी के मेयर को लेकर वारिस पठान ने कहा कि मेयर तो कोई भी बन सकता है, संविधान ने इजाजत दी है। कोई भी प्रधानमंत्री बन सकता है-हिंदू, मुसलमान, सिख, ईसाई। कॉर्पोरेटर भी बने, मेयर भी बने। पहले भी मुसलमान मेयर रह चुके हैं।

बीएमसी मेयर रितु तावड़े के बांग्लादेशी घुसपैठिए को लेकर दिए बयान पर वारिस पठान ने कहा कि यह लोग अपनी प्राथमिकताओं से भटक चुके हैं। प्रदूषण को लेकर कुछ नहीं करना है। 15 मिनट की बारिश में जलभराव हो जाता है, ड्रेनेज सिस्टम खराब है। इसे लेकर कुछ नहीं करना है, बस बांग्लादेशी घुसपैठिए का मुद्दा उनके लिए महत्वपूर्ण दिखाई देता है। भाजपा बताए कि आपके पास कितने आंकड़े हैं कि घुसपैठियों को पकड़ा गया।

--आईएएनएस

डीकेएम/एएस

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