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स्वतंत्रता दिवस पर अरशद मदनी बोले, आजादी हमें किसी का तोहफा नहीं, संघर्ष और शहादतों से मिली

स्वतंत्रता दिवस पर अरशद मदनी बोले, आजादी हमें किसी का तोहफा नहीं, संघर्ष और शहादतों से मिली
स्वतंत्रता दिवस पर अरशद मदनी बोले, आजादी हमें किसी का तोहफा नहीं, संघर्ष और शहादतों से मिली

नई दिल्ली, 15 अगस्त (आईएएनएस)। देशवासी 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहे हैं। 15 अगस्त को देश को आजाद हुए 79 वर्ष पूरे हो गए हैं।

इस अवसर पर जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष और ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के उपाध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "भारत की आजादी हमें किसी से मिला कोई तोहफा या एहसान नहीं थी। यह हमारे बुजुर्गों और विद्वानों द्वारा ब्रिटिश शासन के खिलाफ संघर्ष में दी गई अनगिनत कुर्बानियों, झेली गई जेल की सजाओं, मुश्किलों और शहादतों से हासिल हुई थी।

अरशद मदनी ने आगे लिखा, "हमारे मुस्लिम विद्वानों ने लगातार देश के बंटवारे का विरोध किया और हिंदू-मुस्लिम एकता को ही भारत की असली ताकत और बुनियाद माना। एक एकजुट राष्ट्र के प्रति उनकी कुर्बानियां, हिम्मत और अटूट निष्ठा हमारे साझे इतिहास और विरासत का एक स्थायी हिस्सा बनी हुई है।"

बीते दिन जमीयत उलेमा-ए-हिंद की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा गया था, "जमीयत उलमा-ए-हिंद - आस्था, सेवा और राष्ट्र निर्माण की सदी। भारत के स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं। स्वतंत्रता दिवस की 80वीं जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं!"

कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने 'एक्स' पोस्ट में लिखा, "सदियों से आबाद रहा है, सदियों तलक आबाद रहेगा। भारत जिंदाबाद रहा है, भारत जिंदाबाद रहेगा। सभी देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की दिली मुबारकबाद।"

अखिल भारतीय संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (एआईयूडीएफ) के अध्यक्ष बदरुद्दीन अजमल ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, "भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस के गौरवपूर्ण अवसर पर सभी को हार्दिक शुभकामनाएं। आजादी की भावना हमें एकता, शांति, भाईचारे और सद्भाव को बनाए रखने और एक मजबूत व समृद्ध भारत के निर्माण की दिशा में काम करने के लिए प्रेरित करे।"

बदरुद्दीन अजमल ने आगे लिखा, "आइए, हम अपने स्वतंत्रता सेनानियों का सम्मान करें और असम में हाल ही में आई बाढ़ में जान गंवाने वालों को अपनी गहरी श्रद्धांजलि अर्पित करें। मैं सभी से दिल से आग्रह करता हूं कि वे जाति, धर्म और नस्ल से ऊपर उठकर आगे आएं और उन लोगों की मदद करें जो अभी भी प्रभावित हैं।"

--आईएएनएस

एसडी/वीसी

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