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स्वतंत्र भारद्वाज की मुश्किलें नहीं हो रहीं कम, गंभीर आरोपों के बीच एक दिन और पुलिस रिमांड

स्वतंत्र भारद्वाज की मुश्किलें नहीं हो रहीं कम, गंभीर आरोपों के बीच एक दिन और पुलिस रिमांड

जंतर-मंतर पर हुई मारपीट की घटना के बाद चर्चा में आए स्वतंत्र भारद्वाज की कानूनी मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। उनके खिलाफ नाबालिग से जुड़े कथित यौन उत्पीड़न समेत कई गंभीर आरोपों में FIR दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। मामले में पुलिस ने POCSO, BNS और IT एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की है।
मामले की जांच के बीच स्वतंत्र भारद्वाज की रिमांड एक और दिन के लिए बढ़ा दी गई है। अब जांच एजेंसियां मामले से जुड़े आरोपों और उपलब्ध साक्ष्यों की पड़ताल कर रही हैं।


किन आरोपों में दर्ज है FIR?
सामने आई जानकारी के मुताबिक FIR में नाबालिग से जुड़े कथित यौन उत्पीड़न के अलावा पीछा करने, महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने और आपराधिक धमकी जैसे आरोप शामिल हैं।
मामले में POCSO एक्ट के साथ-साथ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और सूचना प्रौद्योगिकी (IT) एक्ट की धाराओं को भी लगाया गया है।


जंतर-मंतर मारपीट मामले के बाद आए चर्चा में
स्वतंत्र भारद्वाज का नाम जंतर-मंतर पर हुई मारपीट की घटना के बाद सुर्खियों में आया था। इस घटना के बाद से ही उनसे जुड़े विवाद और कानूनी कार्रवाई चर्चा में है।
अब FIR में लगाए गए गंभीर आरोपों और बढ़ाई गई रिमांड के बाद मामले ने एक नया मोड़ ले लिया है।


जांच के लिए बढ़ाई गई रिमांड
रिमांड बढ़ाए जाने के बाद जांच एजेंसियों को मामले से जुड़े तथ्यों की जांच के लिए अतिरिक्त समय मिल गया है। जांच के दौरान आरोपों की पुष्टि के लिए संबंधित लोगों से पूछताछ और उपलब्ध डिजिटल या अन्य साक्ष्यों की पड़ताल की जा सकती है।
फिलहाल मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जांच की प्रगति और सामने आने वाले साक्ष्यों पर निर्भर करेगी। FIR में लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि अदालत में होने वाली न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।
 

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