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स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी पर सपा सांसद नदवी का हमला, बोले-संवैधानिक जिम्मेदारी नहीं निभा रही सरकार

स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी पर सपा सांसद नदवी का हमला, बोले-संवैधानिक जिम्मेदारी नहीं निभा रही सरकार
स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी पर सपा सांसद नदवी का हमला, बोले-संवैधानिक जिम्मेदारी नहीं निभा रही सरकार

नई दिल्ली, 5 सितंबर (आईएएनएस)। सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी पर समाजवादी पार्टी के सांसद डॉ. मोहिबुल्लाह नदवी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि यह बेहद अफसोसनाक और शर्मनाक है कि संवैधानिक पदों पर बैठे जिम्मेदार लोग संविधान की रक्षा की शपथ लेकर भी उसका पालन नहीं कर रहे हैं। सपा सांसद ने कहा कि सच बोलने वालों पर कार्रवाई में सुस्ती दिखाई जाती है, जबकि सजा के बाद रिहा होने वाले मुजरिमों का माला पहनाकर स्वागत किया जाता है, जो हिंदुस्तानी समाज की संस्कृति में नहीं है।

सपा सांसद डॉ. मोहिबुल्लाह नदवी ने कहा, "जिस तरह से दिल्ली में छात्रों के आंदोलन पर पुलिस का जो रवैया रहा, विपक्ष के सभी लोग उसकी निंदा कर रहे हैं। खासतौर से समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव इस बात पर सबसे ज्यादा जोर देते हैं कि सामाजिक न्याय के राज की स्थापना हो। छात्र हमारे देश के भविष्य है। महिलाओं के खिलाफ अपमान का मामला पेश आया है। ये सिलसिला रुक नहीं रहा है। दो महिला पत्रकार मुख्यमंत्री से कुछ सवाल कर रही थीं तो उनको न सिर्फ मारा गया, बल्कि उनके अपमान में कोई कमी नहीं छोड़ी गई।"

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में पत्रकार चौथे स्तंभ कहे जाते हैं। जब हमारी बहन या बेटी पत्रकार हो, तो उसको हमें इतनी इज्जत देना चाहिए, एहतराम देना चाहिए, इस बात का ख्याल भाजपा ने नहीं किया। हम इस चीज पर विश्वास रखते हैं कि दो वर्गों की लड़ाई दो राष्ट्र की लड़ाई नहीं होती लेकिन भाजपा और आरएसएस के लोग दो लोगों की लड़ाई को दो समुदाय की लड़ाई में बदलने की कोशिश करती हैं।

सांसद मोहिबुल्लाह नदवी ने कहा, "हिंदू और मुस्लिम एक साथ भाजपा और संघ की जुल्म के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। ऐसे में उनकी कोशिश ये है कि लड़ाई को ये रंग देकर लड़ाई को कमजोर कर दें। ये लोग पछता रहे हैं। ऐसे ही 2020 में जामिया में जब छात्र आंदोलन हो रहा था, लाइब्रेरी में जो बच्चे पढ़ रहे थे, उनके ऊपर लाठीचार्ज किया गया। खास मानसिकता के लोग देश को कमजोर करने में लगे हुए हैं और कुछ लोगों के जहनों में हिंसा का बीज डाल रहे हैं, ताकि भारत की जनता दो हिस्सों में बंट जाए। कहीं, मजहब, कहीं जाति के नाम पर बंट जाएं। लोग बंटने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने सोच लिया है कि देश को खराब और नकारात्मकता से निजात दिलाना है।"

उन्होंने कहा कि आज की तारीख में सपा का नजरिया है कि सबको इंसाफ मिले, सामाजिक न्याय का राज हो। अखिलेश यादव का ये पैगाम हर छात्र के दिलों में घर कर रहा है।

स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी को लेकर सपा नेता ने कहा कि ये बहुत अफसोसनाक और शर्मनाक बात है कि हमारे संवैधानिक पदों पर बैठने वाले जिम्मेदार लोग, जिन्होंने संविधान की रक्षा की शपथ ली है और उसका पालन नहीं कर रहे हैं। इस तरह के लोग एक बार नहीं, कई बार ऐसा हुआ है कि लोग सच को सच कह देते हैं, नाम भी ले लेते हैं, लेकिन उन पर कार्रवाई में बहुत सुस्ती होती है। अदालतों में जब सजा होती है, तो उसके बाद अगर किसी वजह से रिहाई हो जाती है तो उन मुजरिमों को माला पहनाकर स्वागत किया जाता है। हिंदुस्तानी समाज में एक ऐसी संस्कृति को बढ़ावा देने की कोशिश है जिसकी इस समाज में कोई जगह नहीं है।

सपा सांसद ने कहा कि महात्मा गांधी ने अहिंसा की वजह से ही एक ऐसा संदेश दुनिया को दिया, जिसकी वजह से हमने ब्रिटिश से आजादी हासिल की। हमारी संवेदना, सब्र और अहिंसा की जो शक्ति है, वो इन हिंसक लोगों की नकारात्मक बातों से कहीं ज्यादा मजबूत है।

--आईएएनएस

केके/वीसी

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