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स्वामी गोपालाचार्य ने की 'धुरंधर: द रिवेंज' की तारीफ, बोले-सच्चाई दिखाने वाली फिल्मों की जरूरत

मुंबई, 21 मार्च (आईएएनएस)। आदित्य धर की हालिया रिलीज स्पाई एक्शन थ्रिलर फिल्म 'धुरंधर: द रिवेंज' ने बॉक्स ऑफिस और दर्शकों के दिलों में धूम मचा दी है। रिलीज होते ही दर्शकों और आलोचकों ने इसे खूब सराहा। साथ ही, कुछ विवादास्पद मुद्दों पर भी चर्चा शुरू हो गई। फिल्म देखने के बाद कई भारतीय चौंक गए क्योंकि इसमें देश की कुछ पुरानी और हालिया घटनाओं के पीछे की कथित सच्चाई को दिखाया गया है।
स्वामी गोपालाचार्य ने की 'धुरंधर: द रिवेंज' की तारीफ, बोले-सच्चाई दिखाने वाली फिल्मों की जरूरत

मुंबई, 21 मार्च (आईएएनएस)। आदित्य धर की हालिया रिलीज स्पाई एक्शन थ्रिलर फिल्म 'धुरंधर: द रिवेंज' ने बॉक्स ऑफिस और दर्शकों के दिलों में धूम मचा दी है। रिलीज होते ही दर्शकों और आलोचकों ने इसे खूब सराहा। साथ ही, कुछ विवादास्पद मुद्दों पर भी चर्चा शुरू हो गई। फिल्म देखने के बाद कई भारतीय चौंक गए क्योंकि इसमें देश की कुछ पुरानी और हालिया घटनाओं के पीछे की कथित सच्चाई को दिखाया गया है।

हाल ही में अखिल भारतीय संत समिति के अध्यक्ष स्वामी गोपालाचार्य महाराज ने फिल्म की जमकर सराहना की। उन्होंने आईएएनएस के साथ बातचीत में धुरंधर को समाज में जागरूकता फैलाने वाली फिल्म बताया। स्वामी जी का कहना है कि ऐसी फिल्में और ज्यादा बननी चाहिएं, ताकि भारतीय समाज जागरूक हो सके।

उन्होंने कहा, "अगर धुरंधर जैसी फिल्में समाज में फैले प्रयासों को सामने लाने का काम कर रही हैं, तो यह बहुत अच्छी बात है। ऐसी फिल्मों से समाज को सकारात्मक संदेश मिल रहा है और लोग सच्चाई से रू-ब-रू हो रहे हैं।"

गोपालाचार्य महाराज ने जोर देते हुए कहा, "यह एक हॉरर फिल्म की तरह है, जिसके जरिए समाज में यह सब दिखाया जा रहा है और ऐसे पहलुओं को समाज के सामने उजागर किया जाना चाहिए। इससे समाज में यह संदेश जाए कि सनातन धर्म के अलावा जो भी सत्ता में आए हैं, उनका ऐसे अराजक तत्वों से किसी न किसी तरह का संबंध है, जो समाज में शांति से नहीं रहना चाहते हैं और सनातन धर्म को नष्ट करने पर तुले हुए हैं।"

उन्होंने आगे नोटबंदी का भी जिक्र करते हुए बताया कि मौजूदा सरकार ने नोटबंदी इसलिए लागू की थी ताकि आतंकवादी और अराजक समूहों की आर्थिक कमर तोड़ी जा सके। उन्होंने कहा, "संतों ने तो शुरू से ही सरकार का समर्थन किया है। अगर किसी को फिल्म में दिखाई गई बातें गलत लग रही हैं, तो वे कोर्ट जा सकते हैं लेकिन अगर ये तथ्य सही निकले तो अदालत संज्ञान नहीं लेगी। सिनेमा का काम छिपे तथ्यों को सामने लाना है ताकि समाज जागरूक हो और सही-गलत का फैसला खुद कर सके।"

स्वामी गोपालाचार्य महाराज ने कहा कि सरकार को निशाना बनाना तब सही है, जब वह देश और सनातन धर्म के लिए काम नहीं कर रही हो। उन्होंने कहा, "अगर हमारी सरकार अनुच्छेद 370 हटाने, नोटबंदी जैसे कदमों से शांति और गौरव स्थापित कर रही है, तो संतों का समर्थन हमेशा रहेगा। फिल्म ऐसे ही मुद्दों को उजागर कर समाज को उज्ज्वल भविष्य की ओर ले जाने में मदद कर रही है।"

--आईएएनएस

एनएस/पीएम

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