स्वदेशी और जीआई उत्पाद भारत को वैश्विक आर्थिक शक्ति बनाएंगे: डॉ. रजनीकांत
वाराणसी, 11 मई (आईएएनएस)। जीआई एक्सपर्ट पद्मश्री डॉ. रजनीकांत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'आत्मनिर्भर भारत' और स्वदेशी अपनाने की अपील का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की अपील बहुत भावुक करने वाली और दूरदर्शी सोच को दर्शाती है। इसके साथ ही स्वदेशी और जीआई उत्पाद भारत को वैश्विक आर्थिक शक्ति बनाएंगे।
डॉ. रजनीकांत ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, "ईंधन का उत्पादन देश में नहीं है। ईंधन के साथ बहुत सारी चीजें जुड़ी हुई हैं। ऐसे में अपने आपको आत्मनिर्भर बनाने और विदेशी मुद्रा को नियंत्रण में रखने, पूरी दुनिया में भारत के उत्पादों को निर्यात करने, युवाओं और महिलाओं को रोजगार देने की दिशा को लेकर प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी अपील के माध्यम से संदेश दिया है।"
डॉ. रजनीकांत ने कहा, "भारत का बहुत प्राचीन इतिहास रहा है। जैविक खेती, ऑर्गनिक खेती, इस देश में होती रही है। श्री अन्न (मिलेट्स), ज्वार, बाजरा, अदरक, नीबूं और हल्दी का ग्लोबल मार्केट है। इनके दाम अंतरराष्ट्रीय बाजार में बहुत अच्छे हैं। इनकी खेती में उर्वरक का प्रयोग बहुत कम होता है। किसान इन फसलों की खेती कर खुद को और भारत को आत्मनिर्भर बनाने में योगदान दे सकते हैं।"
डॉ. रजनीकांत ने कहा, "जीआई उत्पाद और भारतीय हस्तशिल्प देश की आर्थिक ताकत बन रहे हैं। भारत की पारंपरिक कला और संस्कृति की वैश्विक पहचान बढ़ी है। बनारस की गुलाबी मीनाकारी, भदोही कालीन और पूर्वोत्तर के बांस उत्पादों की विदेश में मांग और दाम भी अच्छे मिलते हैं। हैंडलूम और हाथ से बने उत्पादों की विदेश में मांग है।"
प्रधानमंत्री ने स्वदेशी वस्तुएं अपनाने की अपील की है। इस पर पद्मश्री डॉ. रजनीकांत ने कहा, "पूरी दुनिया में भारत के उत्पाद बड़ी संख्या में उपलब्ध हैं। 'एक जनपद एक उत्पाद' योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए गेम चेंजर साबित हुआ है। 'वन फैमिली, वन एंटरप्रेन्योर' मॉडल से आत्मनिर्भर भारत की नींव मजबूत होगी। स्वदेशी वस्तुओं का उपयोग और दूसरे देशों में निर्यात से देश को बहुत बड़ा लाभ होगा।"
--आईएएनएस
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