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स्वच्छता ही सेवा 2026 अभियान की तैयारियों में उर्वरक विभाग ने तेजी लाई

स्वच्छता ही सेवा 2026 अभियान की तैयारियों में उर्वरक विभाग ने तेजी लाई
स्वच्छता ही सेवा 2026 अभियान की तैयारियों में उर्वरक विभाग ने तेजी लाई

नई दिल्ली, 22 सितंबर (आईएएनएस)। स्वच्छता ही सेवा 2026 अभियान के सफल आयोजन के लिए उर्वरक विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले इस अभियान की थीम ‘स्वच्छता में सहभाग; स्वच्छ भारत, विकसित भारत’ है। अभियान के दौरान स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ कार्यालयों में स्वच्छ, व्यवस्थित एवं बेहतर कार्य वातावरण सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।

वर्ष 2017 से प्रतिवर्ष आयोजित होने वाला स्वच्छता ही सेवा अभियान स्वच्छता के प्रति स्वैच्छिक भागीदारी और सामूहिक प्रयासों को मजबूत करने के उद्देश्य से आयोजित किया जाता है। इस वर्ष अभियान में स्वच्छता के लिए स्थायी व्यवहार परिवर्तन तथा नागरिक सहभागिता पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

रजत कुमार मिश्र (सचिव) उर्वरक विभाग ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों से स्वच्छता ही सेवा 2026 अभियान में उत्साहपूर्वक भाग लेने का अनुरोध किया। उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों से सफाई अभियान की शुरुआत करने तथा इस दौरान आयोजित होने वाली विभिन्न स्वच्छता गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का आग्रह किया।

स्वच्छता ही सेवा 2026 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए उर्वरक विभाग ने 17 सितंबर से 1 अक्टूबर तक विभिन्न गतिविधियों को शामिल करते हुए विस्तृत एक्शन प्लान तैयार किया गया है।

स्वच्छता ही सेवा 2026 अभियान के अंतर्गत 1 अक्टूबर को सुबह 8:00 बजे से 9:00 बजे तक ‘एक दिन, एक घंटा, एक साथ’ के तहत एक घंटे की स्वैच्छिक स्वच्छता सेवा/श्रमदान का आयोजन किया जाएगा। उर्वरक विभाग द्वारा शास्त्री भवन परिसर में श्रमदान गतिविधि आयोजित की जाएगी, जिसमें विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी सक्रिय रूप से भाग लेंगे।

सचिव (उर्वरक) ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों से इस राष्ट्रव्यापी श्रमदान में उत्साहपूर्वक भाग लेने का अनुरोध किया। उन्होंने 2 अक्टूबर को स्वच्छ भारत दिवस के अवसर पर स्वच्छता गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता के माध्यम से स्वच्छता के संदेश को आगे बढ़ाने का भी आग्रह किया।

उर्वरक विभाग का यह एक्शन प्लान स्वच्छ एवं व्यवस्थित कार्यस्थल, बेहतर रिकॉर्ड प्रबंधन, लंबित मामलों के निस्तारण, ई-वेस्ट एवं एकल-उपयोग प्लास्टिक के प्रति जागरूकता तथा स्वच्छता को दैनिक कार्यसंस्कृति का हिस्सा बनाने पर केंद्रित है।

--आईएएनएस

डीकेपी/

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