सुवेंदु अधिकारी का बयान, ‘दिमागी नक्सल’ और ‘टुकड़े-टुकड़े गैंग’ को पनपने न दें; वीडियो में जाने ममता सरकार पर भी साधा निशाना
पश्चिम बंगाल की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने सोमवार को लोगों से ‘दिमागी नक्सल’, ‘टुकड़े-टुकड़े गैंग’ और कॉकरोचों को पनपने नहीं देने की अपील की। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ खड़े होने का आह्वान भी किया। सुवेंदु अधिकारी ने ये बातें तमलुक में भाजपा के पार्टी कार्यालय के भूमि पूजन कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहीं।दो दिनों में यह दूसरी बार है, जब सुवेंदु अधिकारी ने ‘कॉकरोच पार्टी’ का जिक्र करते हुए राजनीतिक विरोधियों पर निशाना साधा है। उनके इन बयानों को लेकर राज्य की राजनीति में चर्चा तेज हो गई है।
कॉकरोच और खटमल का उदाहरण देकर साधा निशाना
इससे पहले रविवार को रामनगर में आयोजित एक कार्यक्रम में भी सुवेंदु अधिकारी ने कॉकरोच और खटमल का उदाहरण दिया था। उन्होंने कहा था कि ये बुराइयां कोरोना वायरस की तरह फैलने की कोशिश कर रही हैं। उनके मुताबिक, ऐसी बुराइयों को कीटनाशक स्प्रे ‘हिट’ से ही खत्म किया जा सकता है।सोमवार को तमलुक में दिए गए बयान में भी उन्होंने ‘दिमागी नक्सल’ और ‘टुकड़े-टुकड़े गैंग’ जैसे शब्दों का इस्तेमालकिया। उन्होंने लोगों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ खड़े होने की अपील की। उनके लगातार दिए जा रहे बयानों से पश्चिम बंगाल में भाजपा की राजनीतिक बयानबाजी एक बार फिर चर्चा में आ गई है।
ममता बनर्जी की सरकार पर लगाए आरोप
सुवेंदु अधिकारी ने पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनकी सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि ममता सरकार ने तुष्टीकरण की राजनीति की। सुवेंदु ने कहा कि ममता बनर्जी को राष्ट्रवाद की समझ नहीं थी और उन पर राज्य को ‘ग्रेटर बांग्लादेश’ में बदलने की योजना बनाने का आरोप लगाया।ये आरोप सुवेंदु अधिकारी के राजनीतिक बयान का हिस्सा हैं। इस संबंध में उनके दावों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है। उनके बयान से राज्य में भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के बीच राजनीतिक टकराव का मुद्दा फिर सामने आया है।
वामपंथी शासन और TMC पर भी हमला
सुवेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल में लंबे समय तक शासन करने वाली वामपंथी सरकार और तृणमूल कांग्रेस पर भी आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि 34 साल तक सत्ता में रहे वामपंथियों और 15 साल तक सरकार चलाने वाली तृणमूल कांग्रेस ने लोगों की विरासत और संस्कृति को मिटाने की कोशिश की।उनके बयान में राज्य की राजनीतिक और सांस्कृतिक पहचान से जुड़े मुद्दे प्रमुख रहे। भाजपा की ओर से लगातार ऐसे मुद्दे उठाए जा रहे हैं, जबकि तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला लंबे समय से जारी है।तमलुक में पार्टी कार्यालय के भूमि पूजन के बाद दिए गए सुवेंदु अधिकारी के बयान ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है। उनके बयानों पर तृणमूल कांग्रेस की प्रतिक्रिया और राज्य की राजनीतिक गतिविधियों पर आगे नजर रहेगी।

