Samachar Nama
×

सुशासन के 12 वर्ष: पीएम मोदी के नेतृत्व में गुजरात के सड़क मार्ग बने आधुनिक

गांधीनगर, 11 जून (आईएएनएस)। इस वर्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पीएम के तौर पर 12 वर्ष पूर्ण हुए हैं। 26 मई, 2014 को उन्होंने देश के प्रधानमंत्री के रूप में कार्यभार संभाला था। उनके दूरदर्शी नेतृत्व में गुजरात ने देश के ‘ग्रोथ इंजन’ के रूप में अपनी प्रतिष्ठा को और मजबूत बनाया है। गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने राज्य के सड़क मार्गों को आधुनिक बनाने का अभियान शुरू किया था, जिससे राज्य में परिवहन अधिक सुगम बने, औद्योगिक विकास तेज हो और विकास का लाभ सुदूरवर्ती व्यक्ति तक पहुंचे। इसी प्रकार, समग्र देश में मजबूत रोड इन्फ्रास्ट्रक्चर के निर्माण के लिए उनके दिशा-निर्देशन में वर्ष 2017 में भारतमाला परियोजना शुरू की गई थी।
सुशासन के 12 वर्ष: पीएम मोदी के नेतृत्व में गुजरात के सड़क मार्ग बने आधुनिक

गांधीनगर, 11 जून (आईएएनएस)। इस वर्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पीएम के तौर पर 12 वर्ष पूर्ण हुए हैं। 26 मई, 2014 को उन्होंने देश के प्रधानमंत्री के रूप में कार्यभार संभाला था। उनके दूरदर्शी नेतृत्व में गुजरात ने देश के ‘ग्रोथ इंजन’ के रूप में अपनी प्रतिष्ठा को और मजबूत बनाया है। गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने राज्य के सड़क मार्गों को आधुनिक बनाने का अभियान शुरू किया था, जिससे राज्य में परिवहन अधिक सुगम बने, औद्योगिक विकास तेज हो और विकास का लाभ सुदूरवर्ती व्यक्ति तक पहुंचे। इसी प्रकार, समग्र देश में मजबूत रोड इन्फ्रास्ट्रक्चर के निर्माण के लिए उनके दिशा-निर्देशन में वर्ष 2017 में भारतमाला परियोजना शुरू की गई थी।

भारतमाला परियोजना समग्र देश में राजमार्गों के विकास की एक महत्वपूर्ण परियोजना है; जिससे सड़कों पर कार्गो की आवाजाही में सुधार हो, लॉजिस्टिक्स लागत कम हो तथा आर्थिक कॉरिडोर, सीमावर्ती सड़कों, समुद्र तटीय सड़कों और एक्सप्रेसवे के नेटवर्क से देशभर में कनेक्टिविटी में वृद्धि हो। इस परियोजना अंतर्गत समग्र देश में 50 आर्थिक कॉरिडोरों का निर्माण करने, 550 जिलों को राष्ट्रीय राजमार्ग के लिंकेज से कनेक्टिविटी देने तथा सड़क यात्रा के औसत समय में सुधार करने का लक्ष्य रखा गया है। गुजरात में इस परियोजना अंतर्गत लगभग 1068 किलोमीटर के आधुनिक सड़क मार्गों के नेटवर्क से गुजरात के विकास को नई दिशा मिली है।

इस परियोजना अंतर्गत देश के उत्तरी क्षेत्र के राज्यों-प्रदेशों की पूर्वी क्षेत्रों के साथ कनेक्टिविटी बढ़ाने का भी उद्देश्य है। साथ ही; जामनगर, कंडला तथा मुंद्रा जैसे बंदरगाहों से उत्तरी क्षेत्र के राज्यों-प्रदेशों को विभिन्न उत्पादों के आयात-निर्यात की वैश्विक सुविधा उपलब्ध कराने की भी इस परियोजना की मंशा है।

जब भारत सरकार ने वर्ष 2017 में भारतमाला परियोजना शुरू की, तब गुजरात की समग्र कार्यक्रम में रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण राज्यों में से एक के रूप में पहचान की गई। 1600 किलोमीटर से अधिक का समुद्र तट, महत्वपूर्ण औद्योगिक कॉरिडोर एवं मुंद्रा, कंडला तथा हजीरा जैसे बंदरगाहों के साथ गुजरात को ऐसे हाईवे नेटवर्क की आवश्यकता थी, जो राज्य की आर्थिक महत्वाकांक्षाओं के अनुरूप हो। भारतमाला अंतर्गत विकसित सड़क नेटवर्क ने इन बंदरगाहों को राज्य के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों के साथ अधिक तेज और कार्यक्षम रूप से जोड़ा है। आज गुजरात में इस परियोजना के प्रथम चरण में 65,000 करोड़ रुपए के खर्च से 1557 किलोमीटर के 45 प्रोजेक्ट मंजूरी किए गए हैं, जिनमें से 1068 किलोमीटर सड़क निर्माण का कार्य पूर्ण किया गया है। अत्याधुनिक ढांचागत सुविधाएं विकासित करने और इन्फ्रास्ट्रक्चर को तेजी से पूर्ण करने में गुजरात अग्रसर रहा है।

इस परियोजना अंतर्गत महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स की बात करें, तो राजस्थान के सांचौर से गुजरात के पाटण जिले के सांतलपुर तक लगभग 125 किलोमीटर लंबाई का सड़क मार्ग ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे (6 लेन) के रूप में निर्मित किया गया है। इसके अतिरिक्त, अमृतसर-जामनगर के बीच लगभग 1256 किलोमीटर के आर्थिक कॉरिडोर का भी निर्माण होने वाला है। अहमदाबाद-धोलेरा एक्सप्रेसवे तथा दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे भी इस परियोजना के महत्वपूर्ण मार्ग हैं, जो राज्य के आर्थिक विकास को आगे बढ़ा रहे हैं।

भारत के सबसे व्यस्त फ्रेट कॉरिडोरों की सूची में गुजरात शामिल है। भारतमाला अंतर्गत अपग्रेड किए गए हाईवे के कारण अहमदाबाद, सूरत, वडोदरा और राजकोट जैसे प्रमुख औद्योगिक केन्द्रों के बीच यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आई है। तेज एवं यातायात-मुक्त परिवहन के साथ लॉजिस्टिक्स खर्च में भी कमी आई है। भारतमाला परियोजना अंतर्गत समुद्र तट तथा बंदरगाहों को जोड़ने वाले सड़क मार्गों पर विशेष ध्यान केन्द्रित किया गया है। इसके कारण हाईवे और बंदरगाहों के बीच कनेक्टिविटी मजबूत बनी है। राजमार्ग निर्माण से इस क्षेत्र से जुड़े विभिन्न वर्गों के लोगों को रोजगार के अवसर मिले हैं। स्थानीय व्यवसाय को भी इससे गति मिली है।

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में तेज भूमि अधिग्रहण, समय पर मंजूरियां तथा इस परियोजना के सुचारु क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए गुजरात सरकार भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के साथ निकटता से कार्य करती है। इसके कारण गुजरात में इस परियोजना अंतर्गत सफलतापूर्वक कार्य पूरे किए गए हैं। भारत जब वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य की ओर आगे बढ़ रहा है, तब भारतमाला परियोजना उस विकास लक्ष्य को तेजी से प्राप्त करने के लिए एक मजबूत आधार देती है।

--आईएएनएस

डीएससी

Share this story

Tags