सुरेंद्र राजपूत ने ओवैसी को बताया बरसाती मेंढक, भाजपा को भी लिया आड़े हाथ
लखनऊ, 12 अक्टूबर (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। आजमगढ़ में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, "नेहरू या गांधी की जरूरत नहीं है, हमें अपना नेता चाहिए।" इस पर कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने पलटवार करते हुए ओवैसी को बरसाती मेंढक कहा है।
आईएएनएस से बातचीत में सुरेंद्र राजपूत ने रहीम दास के दोहे का जिक्र करते हुए कहा, "जैसे ही बरसात आती है, बरसाती मेंढक टर्र-टर्र करने लगते हैं, ठीक वही हाल ओवैसी का है। जहां-जहां चुनाव आता है, वे मेंढक की तरह टर्र-टर्र करने लगते हैं।
उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा, "पांच साल में आप उत्तर प्रदेश में कितनी बार आए? पांच साल में आपने कौन सा कार्यक्रम किया? जब भारतीय जनता पार्टी की सरकारें जुल्म कर रही थीं, जब नमाज पढ़ते हुए मुसलमानों को लातों से मारा जा रहा था, तब आप मुसलमानों के नेता क्यों नहीं बने?"
कांग्रेस प्रवक्ता ने ओवैसी पर भाजपा को फायदा पहुंचाने का आरोप लगाते हुए कहा कि आज आप मुसलमानों के नेता बनकर हिंदुओं का नेता भारतीय जनता पार्टी को बना रहे हैं। भाजपा कहती है कि हम हिंदुओं के नेता हैं और आप कहते हैं कि हम मुसलमानों के नेता हैं, तो फिर हिंदुस्तानियों का नेता कौन है? आप मुसलमानों का नेता बनने का ठेका लेकर भाजपा को जो लाभ पहुंचाते हैं, उसे पूरे देश का हिंदुस्तानी समाज अच्छी तरह समझता है। इसका करारा जवाब मिलेगा।
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर आरोप लगाया था कि उसकी नीतियों के कारण उत्तर प्रदेश भारी वित्तीय कर्ज के बोझ तले दब गया है। इस मुद्दे पर सुरेंद्र राजपूत ने अखिलेश यादव के आरोपों का समर्थन किया।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा, "भाजपा सिर्फ देश के धन्ना सेठों को ही गरीब समझती है। देश में जो दलित, पिछड़ा, आदिवासी, महिला, नौजवान, किसान, अल्पसंख्यक, पीड़ित, शोषित और वंचित है, उनके सारे हक छीनकर यह सरकार सिर्फ कॉर्पोरेट घरानों और अंतरराष्ट्रीय घरानों को देने का काम कर रही है। यह अपने आप में निर्लज्जता का उदाहरण है। आज की तारीख में पूरा उत्तर प्रदेश कर्ज के जाल में फंसा हुआ है। प्रदेश में कोई ऐसी जगह नहीं है जहां सरकार ने कर्ज न लिया हो और सरकार ऋणी न हो।"
उत्तर प्रदेश में भाजपा द्वारा सवर्णों की नाराजगी दूर करने के लिए ब्राह्मण और ठाकुर समुदाय को साधने की कथित कोशिशों पर भी राजपूत ने चुटकी ली। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी हमेशा इसी तरीके का काम करती है। पहले आंखें छीन लेती है और फिर चश्मा दान करती है।
वहीं, लखनऊ में यूपी कांग्रेस मुख्यालय में आराधना मिश्रा मोना के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान हुई कहासुनी और उसका वीडियो वायरल होने पर राजपूत ने कहा कि कुछ अति-उत्साही कार्यकर्ताओं या पुराने बैर-भाव के कारण एक छोटी-मोटी घटना हुई थी, जिसे भाजपा और उसके मीडिया हैंडल्स ने बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया है। भाजपा पर पलटवार करते हुए उन्होंने कहा, "हम भाजपा को याद दिलाना चाहते हैं कि कैसे उनके ही सांसद शरद त्रिपाठी ने संत कबीरनगर में तीन सेकंड में भाजपा के ही विधायक को सात जूते मारे थे। इसलिए भाजपा को इस पर बोलने का हक नहीं है।"
--आईएएनएस
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