Samachar Nama
×

Supreme Court: डॉक्टरों से मारपीट पर सख्त टिप्पणी, कहा- ऐसे लोगों को सड़कों पर घूमने का हक नहीं

Supreme Court: डॉक्टरों से मारपीट पर सख्त टिप्पणी, कहा- ऐसे लोगों को सड़कों पर घूमने का हक नहीं

सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र के डोंबिवली नगर निगम अस्पताल में डॉक्टरों और कर्मचारियों से मारपीट के मामले में सोमवार को सुनवाई करते हुए सख्त टिप्पणी की। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने कहा कि डॉक्टरों और अस्पताल कर्मचारियों पर हमले कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय बनते जा रहे हैं। ऐसे लोगों को खुले में घूमने का अधिकार नहीं होना चाहिए।

यह मामला डोंबिवली के नगर निगम अस्पताल में डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मचारियों के साथ हुई मारपीट से जुड़ा है। आरोप है कि शिवसेना पार्षद रमेश म्हात्रे और अन्य लोगों ने अस्पताल पहुंचकर डॉक्टरों और कर्मचारियों के साथ हाथापाई की थी।

मरीज को दूसरे अस्पताल भेजने पर हुआ विवाद

मामले के अनुसार, अस्पताल में उस समय कोई बेड खाली नहीं था। डॉक्टरों ने मरीज को बेहतर इलाज के लिए दूसरे अस्पताल ले जाने की सलाह दी थी। इसी बात से नाराज मरीज के परिजनों ने शिवसेना पार्षद रमेश म्हात्रे को अस्पताल बुला लिया।

आरोप है कि अस्पताल पहुंचने के बाद रमेश म्हात्रे और उनके साथ आए लोगों ने डॉक्टरों और कर्मचारियों के साथ मारपीट की। घटना के बाद अस्पताल प्रशासन और स्वास्थ्य कर्मचारियों में नाराजगी फैल गई थी।

महाराष्ट्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दी चुनौती

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई महाराष्ट्र सरकार की उस याचिका पर हुई, जिसमें बॉम्बे हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी गई है, जिसके तहत रमेश म्हात्रे और अन्य आरोपियों को जमानत दी गई थी।

राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से हाईकोर्ट के जमानत आदेश पर पुनर्विचार की मांग की है। सरकार का पक्ष है कि डॉक्टरों और अस्पताल कर्मचारियों पर हमला गंभीर अपराध है और ऐसे मामलों में सख्त रुख अपनाया जाना चाहिए।

आरोपियों को नोटिस जारी

सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने मामले की सुनवाई के बाद रमेश म्हात्रे और अन्य आरोपियों को नोटिस जारी किया है। अदालत ने आरोपियों को जवाब दाखिल करने के लिए तीन सप्ताह का समय दिया है।

अब मामले की अगली सुनवाई जवाब मिलने के बाद होगी। सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है।

डॉक्टरों की सुरक्षा पर उठते रहे हैं सवाल

देशभर में डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मचारियों के साथ मारपीट की घटनाएं समय-समय पर सामने आती रही हैं। मेडिकल संगठनों की ओर से लंबे समय से अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और हिंसा करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की जाती रही है।

सुप्रीम कोर्ट की इस टिप्पणी को स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा के मुद्दे पर सख्त संदेश के तौर पर देखा जा रहा है। अदालत ने साफ संकेत दिया है कि अस्पतालों में हिंसा जैसी घटनाओं को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।

Share this story

Tags