NEET पेपर लीक पर सुप्रीम कोर्ट सख्त: "युवाओं को निराश नहीं कर सकते", वीडियो में जाने NTA को UPSC से सीख लेने की नसीहत
NEET-UG पेपर लीक मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को सुनवाई के दौरान कड़ी टिप्पणी की। शीर्ष अदालत ने कहा कि ऐसी घटनाएं देश के लाखों युवाओं के भविष्य और भरोसे को झकझोर देती हैं। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जब तक इस तरह के मामलों में जवाबदेही तय नहीं होगी, तब तक पेपर लीक जैसी घटनाओं पर रोक लगाना मुश्किल होगा।
सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल Tushar Mehta ने अदालत को बताया कि प्रधानमंत्री Narendra Modi स्वयं इस मामले पर नजर रखे हुए हैं, ताकि जांच और कार्रवाई में किसी प्रकार की चूक न हो।
"युवाओं का भरोसा टूटना सबसे बड़ी चिंता"
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि NEET पेपर लीक जैसी घटनाएं केवल परीक्षा प्रक्रिया को प्रभावित नहीं करतीं, बल्कि लाखों छात्रों की मेहनत और विश्वास पर भी चोट पहुंचाती हैं। अदालत ने टिप्पणी करते हुए कहा कि देश के युवाओं को निराश नहीं किया जा सकता और परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखना बेहद जरूरी है।कोर्ट ने कहा कि जिन छात्रों ने वर्षों की मेहनत के बाद परीक्षा दी है, उनके साथ किसी भी प्रकार का अन्याय स्वीकार नहीं किया जा सकता।
जवाबदेही तय करने पर जोर
सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि पेपर लीक मामलों में केवल जांच ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही भी तय होनी चाहिए। अदालत ने कहा कि यदि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं होगी, तो ऐसी घटनाएं भविष्य में भी दोहराई जाती रहेंगी।कोर्ट ने यह भी संकेत दिया कि परीक्षा आयोजित करने वाली संस्थाओं को अपनी व्यवस्था और सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने की आवश्यकता है।
NTA को UPSC से सीखने की सलाह
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने National Testing Agency की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। अदालत ने कहा कि देश में कई बड़ी परीक्षाएं आयोजित होती हैं, लेकिन Union Public Service Commission जैसी संस्थाओं में इस तरह की समस्याएं सामने नहीं आतीं।कोर्ट ने टिप्पणी की कि NTA को UPSC की परीक्षा प्रबंधन प्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था से सीख लेने की जरूरत है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
लाखों छात्रों की निगाहें मामले पर
NEET-UG देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में से एक है, जिसमें हर साल लाखों छात्र हिस्सा लेते हैं। पेपर लीक के आरोप सामने आने के बाद परीक्षा की निष्पक्षता को लेकर व्यापक बहस छिड़ी हुई है। सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणियों को परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब छात्रों और अभिभावकों की नजरें इस मामले में आगे की न्यायिक कार्रवाई और जांच एजेंसियों की रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं।

