सुप्रीम कोर्ट ने उच्च योग्यता छुपाकर नौकरी पाने को बताया अवैध, वीडियो में जाने कम पढ़े-लिखे कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को एक महत्वपूर्ण निर्णय में कहा कि कम शैक्षणिक योग्यता के लिए आरक्षित नौकरी में उच्च योग्यता छिपाकर नौकरी पाना कानूनन अमान्य होगा। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि इस तरह की शर्तों का उल्लंघन कर किसी पद को हासिल करना वास्तविक हकदारों से रोजगार छीनना माना जाएगा।
मद्रास हाई कोर्ट का आदेश रद्द
इस फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने मद्रास हाई कोर्ट के 2025 के आदेश को रद्द कर दिया। हाई कोर्ट ने पहले उस व्यक्ति के पक्ष में फैसला दिया था जिसने सिंडिकेट बैंक के अटेंडेंट पद के लिए अपनी ग्रेजुएशन की डिग्री छुपाई थी। सुप्रीम कोर्ट ने इसे गलत ठहराया और कहा कि इस तरह से नौकरी हासिल करना कानूनी रूप से स्वीकार्य नहीं है।
सुप्रीम कोर्ट का तर्क
सुप्रीम कोर्ट की बेंच, जिसमें जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और जस्टिस आर महादेवन शामिल थे, ने कहा कि:
- कम पढ़े-लिखे लोग उच्च पढ़े-लिखे लोगों के साथ आरक्षित पदों पर प्रतिस्पर्धा नहीं कर सकते।
- इसलिए सरकार द्वारा कुछ पदों को कम योग्यता वाले उम्मीदवारों के लिए सुरक्षित रखना पूरी तरह से उचित और कानूनी है।
- उच्च योग्यता छुपाकर नौकरी लेना न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि यह आरक्षित वर्ग के अधिकारों के खिलाफ भी है।
निर्णय का महत्व
विशेषज्ञों के अनुसार, यह सुप्रीम कोर्ट का निर्णय आरक्षित पदों पर शैक्षणिक योग्यता का सही उपयोग सुनिश्चित करने और वास्तविक हकदारों के रोजगार के अधिकारों की रक्षा के लिहाज से अहम है। अब ऐसे मामले में कोई भी व्यक्ति उच्च योग्यता छुपाकर आरक्षित नौकरी पाने का दावा नहीं कर सकेगा।

