सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में राम मंदिर चंदा चोरी मामले की जांच हो: अभिषेक दत्त
सूरत, 11 जुलाई (आईएएनएस)। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के सचिव एवं कर्नाटक के सह-प्रभारी अभिषेक दत्त ने शनिवार को सूरत दौरे के दौरान केंद्र सरकार और भाजपा पर जुबानी हमला किया। उन्होंने राम मंदिर चंदे से जुड़े कथित विवाद, पंजाब कांग्रेस की स्थिति, उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन और महाराष्ट्र के सिद्धिविनायक मंदिर प्रकरण पर पार्टी का पक्ष रखा।
राम मंदिर से जुड़े कथित चंदा और चढ़ावा विवाद पर अभिषेक दत्त ने कहा कि कांग्रेस ने देशभर में इस मुद्दे को लेकर विरोध-प्रदर्शन कर निष्पक्ष जांच की मांग की है। कांग्रेस की मांग है कि प्रकरण की जांच सर्वोच्च न्यायालय के एक सिटिंग जज की निगरानी में न्यायिक आयोग से कराई जाए।
उन्होंने कहा कि राम मंदिर ट्रस्ट के गठन से लेकर शिलान्यास और प्राण-प्रतिष्ठा तक प्रधानमंत्री की भूमिका रही है, इसलिए इस मामले में उनकी चुप्पी भी सवालों के घेरे में है। ट्रस्ट को अब तक प्राप्त हुए सभी चंदे और किए गए खर्च का ऑडिट कराया जाना चाहिए ताकि पूरे मामले की पारदर्शी जांच हो सके। यदि जांच में अनियमितताएं सामने आती हैं तो ट्रस्ट का पुनर्गठन कर नई व्यवस्था बनाई जाए।
पंजाब कांग्रेस में कथित अंदरूनी मतभेदों और वरिष्ठ नेताओं की बैठकों से दूरी की अटकलों को अभिषेक दत्त ने खारिज किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी में फैसले बातचीत से, सबको साथ लेकर और सबकी राय लेते हुए लिए जाते हैं। यह भाजपा जैसी पर्ची वाली पार्टी नहीं है, जहां राजनाथ सिंह राजस्थान जाते हैं और वसुंधरा राजे से पर्ची खुलवाकर किसी और का नाम थमा देते हैं। हमारी पार्टी में अगर किसी के मन में कोई बात है, तो वह हमारे प्रभारियों से, हमारे वरिष्ठ नेताओं से खुलकर कर सकता है। यहां सब कुछ बहुत डेमोक्रेटिक तरीके से होता है। यह डिक्टेटर वाली पार्टी नहीं, बल्कि एक लोकतांत्रिक पार्टी है।
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के संभावित गठबंधन तथा सीट बंटवारे पर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि इस विषय पर पार्टी के उत्तर प्रदेश प्रभारी और प्रदेश अध्यक्ष पहले ही अपना पक्ष रख चुके हैं। इस मामले में वही अधिकृत रूप से टिप्पणी करने के लिए उपयुक्त हैं और पार्टी उचित समय पर निर्णय लेगी।
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे द्वारा सिद्धिविनायक मंदिर के मुद्दे पर दिए गए बयान पर अभिषेक दत्त ने कहा कि धार्मिक आस्था से जुड़े मामलों में जनता का विश्वास प्रभावित हुआ है। राम मंदिर चंदे के मामले में कार्रवाई शुरू होने के बाद श्रद्धालुओं के बीच विश्वास में कमी आई है। जब तक कथित अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं होगी, तब तक देशभर के लोगों के मन में धार्मिक संस्थाओं की पारदर्शिता को लेकर सवाल बने रहेंगे। उन्होंने केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार से मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि जनता का विश्वास बहाल हो सके।
--आईएएनएस
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