यूपी से बिहार जाना होगा सुपरफास्ट: नए एक्सप्रेसवे कॉरिडोर से दिल्ली का सफर भी होगा आसान, जानें पूरा रूट
उत्तर प्रदेश में सड़क और एक्सप्रेसवे नेटवर्क का लगातार विस्तार हो रहा है। इसी कड़ी में पूर्वांचल के लोगों के लिए गाजीपुर-जमानिया-सैयदराजा ग्रीनफील्ड फोरलेन परियोजना को अहम माना जा रहा है। इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद गाजीपुर से चंदौली और बिहार की तरफ जाने वाले वाहनों को वाराणसी शहर और रिंग रोड का लंबा रास्ता लेने की जरूरत कम हो सकती है। नवीनतम रिपोर्ट के मुताबिक परियोजना की कुल लंबाई करीब 81 किलोमीटर तक की गई है।
इस सड़क से गाजीपुर, चंदौली के साथ-साथ मऊ, बलिया और गोरखपुर की ओर से आने-जाने वाले यात्रियों को भी बेहतर कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है। इसका फायदा बिहार की तरफ जाने वाले ट्रैफिक को भी मिल सकता है।
बनारस के ट्रैफिक से मिलेगी राहत
फिलहाल गाजीपुर-जमानिया-सैयदराजा मार्ग का मौजूदा हिस्सा ज्यादा ट्रैफिक का दबाव झेल रहा है। पुरानी सड़क करीब सात मीटर चौड़ी होने के कारण कई जगह जाम की समस्या सामने आती है। नई ग्रीनफील्ड सड़क का उद्देश्य वाहनों को शहरों के भीड़भाड़ वाले हिस्सों से अलग तेज और सुगम रूट उपलब्ध कराना है।
नए कॉरिडोर के जरिए गाजीपुर से जमानिया होते हुए सैयदराजा तक सीधा संपर्क तैयार होगा। इससे बिहार और चंदौली की ओर जाने वाले वाहनों को वाराणसी के भीतर से गुजरने की जरूरत नहीं पड़ेगी और वाराणसी रिंग रोड पर ट्रैफिक का दबाव भी कम करने में मदद मिल सकती है।
पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से भी जुड़ेगा नेटवर्क
इस परियोजना को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे और दूसरे प्रमुख हाईवे नेटवर्क से जोड़ने की योजना है। नवीनतम प्रस्ताव में गाजीपुर तक मौजूदा सड़क के हिस्से को एक्सेस-कंट्रोल बनाने और उसके आगे गाजीपुर से जमानिया होते हुए सैयदराजा तक ग्रीनफील्ड फोरलेन विकसित करने की बात सामने आई है। भविष्य में इसे वाराणसी-रांची-कोलकाता ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे से भी जोड़ने की योजना बताई गई है।
इस कनेक्टिविटी के बनने से लखनऊ और पूर्वांचल से बिहार की ओर जाने वाले ट्रैफिक को एक वैकल्पिक तेज रूट मिल सकता है। हालांकि वास्तविक यात्रा समय सड़क के पूरी तरह चालू होने, प्रवेश बिंदुओं और ट्रैफिक की स्थिति पर निर्भर करेगा।
करीब 80 किलोमीटर से ज्यादा का नया कॉरिडोर
इस परियोजना की लंबाई पहले करीब 42 किलोमीटर प्रस्तावित थी, लेकिन बाद में इसे बढ़ाकर करीब 81 किलोमीटर किए जाने की जानकारी सामने आई। परियोजना की अनुमानित लागत करीब 3,100 करोड़ रुपये बताई गई है। इसमें सड़क निर्माण के साथ जमीन अधिग्रहण की लागत भी शामिल है।
पहले के प्रोजेक्ट दस्तावेजों में करीब 260 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहण की जरूरत बताई गई थी। बाद के विस्तार के साथ परियोजना का दायरा भी बदला है, इसलिए गांवों और जमीन से जुड़े आंकड़ों को अंतिम अधिग्रहण अधिसूचनाओं के आधार पर देखना उचित होगा।
गंगा पर प्रस्तावित पुल भी अहम हिस्सा
परियोजना में गंगा नदी पर जिगना घाट के आसपास प्रस्तावित पुल को भी महत्वपूर्ण कड़ी बताया गया है। इसके बनने से गाजीपुर और चंदौली के बीच सीधा संपर्क मजबूत होगा और क्षेत्र के सड़क नेटवर्क को एक नया विकल्प मिलेगा।
कुल मिलाकर गाजीपुर-जमानिया-सैयदराजा ग्रीनफील्ड फोरलेन पूर्वांचल के सड़क नेटवर्क में एक महत्वपूर्ण कड़ी बन सकता है। इसके जरिए गाजीपुर से चंदौली और आगे बिहार की तरफ जाने वाले ट्रैफिक को वाराणसी के भीड़भाड़ वाले हिस्सों से बचने का विकल्प मिलेगा, जबकि पूर्वांचल के कई जिलों को भी बेहतर हाईवे कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है।

