सनबर्न का कारण क्या है? जानें अल्ट्रावॉयलेट किरणों से त्वचा को कैसे बचाएं
नई दिल्ली, 10 जून (आईएएनएस)। सूर्य पृथ्वी पर जीवन का मुख्य स्रोत है, जो प्रकाश और ऊर्जा प्रदान करता है। लेकिन, इसकी कुछ किरणें त्वचा के लिए हानिकारक भी हो सकती हैं। गर्मियों में तेज धूप में ज्यादा देर रहने से त्वचा लाल हो जाना, जलन, सूजन और दर्द जैसी समस्या हो जाती है, जिसे सनबर्न कहते हैं। सवाल यह है कि आखिर सूर्य की किरणें त्वचा को क्यों जलाती हैं?
सूर्य से निकलने वाली रोशनी विभिन्न प्रकार की किरणों से मिलकर बनी होती है। इनमें इन्फ्रारेड किरणें गर्मी देती हैं, विजिबल लाइट हमें दिखाई देती है, लेकिन सबसे खतरनाक होती हैं अल्ट्रावॉयलेट (यूवी) किरणें। ये किरणें हमारी आंखों से दिखाई नहीं देतीं, लेकिन इनमें बहुत अधिक ऊर्जा होती है। जब ये किरणें त्वचा पर पड़ती हैं तो त्वचा की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाती हैं। कोशिकाएं क्षतिग्रस्त हो जाती हैं। शरीर इस क्षति पर प्रतिक्रिया स्वरूप सूजन और दर्द पैदा करता है, जो सनबर्न के रूप में सामने आता है।
खास बात यह है कि यूवी किरणें सिर्फ सीधी धूप में ही नहीं, बल्कि पानी, बर्फ, रेत या कंक्रीट से टकराकर वापस लौट सकती हैं। बादलों के पार भी ये किरणें आसानी से पहुंच जाती हैं। इसलिए छाते के नीचे बैठे रहने या बादल वाले दिन भी सनबर्न का खतरा बना रहता है। लंबे समय तक यूवी किरणों के संपर्क में रहने से त्वचा का कैंसर तक हो सकता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, सनबर्न से बचाव के लिए कुछ सरल उपाय अपनाए जा सकते हैं। सुबह 10 बजे से दोपहर 4 बजे तक धूप में कम निकलें। पूरे शरीर को ढकने वाले हल्के रंग के कपड़े पहनें। चौड़ी किनारे वाली टोपी और सनग्लासेस का इस्तेमाल करें। एसपीएफ 30 या इससे ज्यादा वाला सनस्क्रीन पूरे शरीर पर लगाएं और हर 3-4 घंटे में दोबारा लगाएं। भरपूर पानी पीकर शरीर को हाइड्रेट रखें।
सनबर्न होने पर तुरंत ठंडे पानी से प्रभावित जगह को सेंकें। मॉइश्चराइजर लगाएं और अगर जलन ज्यादा हो तो डॉक्टर से सलाह लें। सूर्य विटामिन डी देता है, जो हड्डियों के लिए जरूरी है, लेकिन संतुलित तरीके से धूप का सेवन करना बेहद महत्वपूर्ण है।
--आईएएनएस
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