सूखा प्रभावित किसानों की दीपावली नहीं होगी फीकी, शिवसेना ने बांटी 7.69 लाख राशन किट
मुंबई, 5 नवंबर (आईएएनएस)। महाराष्ट्र में सूखे से जूझ रहे किसानों की दीपावली फीकी न पड़े, इसके लिए शिवसेना ने राज्यव्यापी राहत अभियान शुरू किया है। पार्टी ने सूखा प्रभावित किसान परिवारों को 7.69 लाख राशन किट बांटने की पहल की है, जिनमें से 5 लाख से अधिक किट पहले ही लाभार्थियों तक पहुंच चुकी हैं। बाकी किट अगले दो दिनों में किसानों को मिल जाएंगी।
बालासाहेब भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए शिवसेना प्रवक्ता और पूर्व सांसद आनंद परांजपे ने बताया कि उपमुख्यमंत्री और शिवसेना के प्रमुख नेता एकनाथ शिंदे ने पार्टी के सभी मंत्रियों, सांसदों, विधायकों और जनप्रतिनिधियों को किसानों के साथ दीपावली मनाने का निर्देश दिया है। अगले तीन दिनों तक पार्टी प्रतिनिधि किसानों के खेतों और गांवों में जाकर उनसे और उनके परिवारों से मिलेंगे और त्योहार में उनके साथ खड़े रहेंगे।
परांजपे ने कहा कि महाराष्ट्र 1972 के बाद सबसे भीषण सूखे का सामना कर रहा है। राज्य सरकार ने 358 तालुकों में से 304 तालुकों में सूखा घोषित किया है। शिवसेना ने इनमें से 278 तालुकों में अपनी राहत पहल पहुंचाई है। इसमें मराठवाड़ा, नासिक, पुणे, अमरावती और नागपुर संभाग के किसान परिवार शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि दशहरा रैली में शिंदे ने वादा किया था कि किसानों की दीपावली ‘अंधेरी’ नहीं होगी। उसी वादे को पूरा करते हुए दशहरा के दिन ठाणे से राशन किट से भरे 60 ट्रक और मुंबई से 40 ट्रक रवाना किए गए थे। वितरण के तहत मराठवाड़ा में 1,77,000 परिवारों, नासिक संभाग में 1,35,000, पुणे संभाग में 82,000, अमरावती संभाग में 77,500 और नागपुर संभाग में 66,000 परिवारों को कवर किया गया है। गन्ना काटने वाले मजदूरों को 10,000 किट दी गई हैं, जबकि कोंकण में वितरण अंतिम चरण में है। डॉक्टर सेल के माध्यम से 5,000 अतिरिक्त किट भी दी जाएंगी।
परांजपे ने बताया कि सितंबर में शिंदे ने दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर प्रभावित किसानों के लिए बड़ी मदद की मांग की थी। इसके बाद केंद्र सरकार की टीमों ने महाराष्ट्र का दौरा कर सूखे की स्थिति का जायजा लिया था।
राहत अभियान केवल राशन किट तक सीमित नहीं है। किसानों की पत्नियों और परिवार की महिलाओं को 25,000 सिलाई मशीनें दी गई हैं, जबकि बेटियों को 25,000 साइकिलें दी गई हैं। शिवसेना दिसंबर के बाद सूखा प्रभावित किसानों की बेटियों के लिए सामूहिक विवाह समारोहों का भी आयोजन करेगी, ताकि परिवारों पर शादी के खर्च का बोझ कम हो। इच्छुक परिवार अपने जिला प्रमुखों के पास पंजीकरण करा सकते हैं।
परांजपे ने घोषणा की कि सूखा प्रभावित क्षेत्रों में शिवसेना की शाखाएं 'किसान सेवा केंद्र' के रूप में काम करेंगी। ये केंद्र किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने, मनरेगा पंजीकरण, फसल नुकसान के आकलन और पंचनामा से जुड़ी समस्याओं को सुलझाने में मदद करेंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि शिवसेना की मदद केवल दीपावली तक नहीं, बल्कि अगले मानसून तक जारी रहेगी।
काशी में 'संस्कृति संसद 2026' में शिंदे को ‘सनातन मार्तंड’ और ‘धर्मध्वजाधारक’ की उपाधियों से सम्मानित किए जाने का भी उन्होंने जिक्र किया। एनसीपी विधायकों की शिकायतों पर उन्होंने कहा कि शिंदे महायुति के 232 विधायकों के साथ विपक्ष के विधायकों के कामों में भी मदद करते हैं।
ठाणे के पूर्णकर हत्याकांड पर परांजपे ने विपक्ष पर परिवार को राजनीतिक मोहरा बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने सवाल उठाया कि विपक्षी नेता दिशा सालियन के परिवार से मिलने में वैसी तत्परता क्यों नहीं दिखाते। उन्होंने बताया कि शिवसेना सांसदों का एक प्रतिनिधिमंडल दिशा सालियन मामले को लेकर सीबीआई निदेशक से मिलेगा।
--आईएएनएस
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