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त्योहारों से पहले चीनी ने बिगाड़ा बजट, 10 दिन में 20 रुपये महंगी; जालंधर में 65 रुपये किलो पहुंचा भाव

त्योहारों से पहले चीनी ने बिगाड़ा बजट, 10 दिन में 20 रुपये महंगी; जालंधर में 65 रुपये किलो पहुंचा भाव

पंजाब में त्योहारों का सीजन शुरू होने से पहले आम लोगों को महंगाई का एक और झटका लगा है। चीनी की कीमतों में अचानक तेज बढ़ोतरी देखने को मिली है। महज 10 दिनों के भीतर चीनी के दाम 20 रुपये प्रति किलो तक बढ़ गए हैं। जालंधर में जहां कुछ दिन पहले चीनी करीब 45 रुपये किलो बिक रही थी, वहीं अब इसका भाव बढ़कर 65 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है। लुधियाना, मोहाली समेत पंजाब के अन्य शहरों में भी चीनी की कीमतों में करीब 15 रुपये प्रति किलो तक की बढ़ोतरी बताई जा रही है।

त्योहारी सीजन में चीनी की मांग सामान्य दिनों के मुकाबले काफी बढ़ जाती है। मिठाइयों से लेकर घरों में बनने वाले पकवानों तक में चीनी की खपत बढ़ने लगती है। ऐसे समय में कीमतों में अचानक हुई इस बढ़ोतरी ने आम उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ा दी है।

जालंधर की फेंटनगंज मंडी एशिया की प्रमुख किराना मंडियों में गिनी जाती है। यहां चीनी के कारोबार से जुड़े होलसेलर गोपाल के मुताबिक, केंद्र सरकार की ओर से स्टॉक को लेकर लगाए गए प्रतिबंध और त्योहारी सीजन में बढ़ी मांग के बीच सप्लाई कम पड़ने से कीमतों में तेजी आई है।

व्यापारियों का कहना है कि बाजार में इस समय डिमांड ज्यादा है, जबकि उपलब्ध स्टॉक सीमित है। ऐसे में थोक बाजार में कीमत बढ़ने का असर धीरे-धीरे खुदरा बाजार तक पहुंच रहा है। अगर मांग और सप्लाई के बीच यही अंतर बना रहा तो आने वाले दिनों में कीमतों पर दबाव बना रह सकता है।

चीनी की कीमत बढ़ने की एक वजह एथेनॉल उत्पादन को भी बताया जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, देश की कई चीनी मिलें गन्ने के एक हिस्से का इस्तेमाल चीनी बनाने के बजाय एथेनॉल उत्पादन के लिए कर रही हैं। सरकार लंबे समय से पेट्रोल में एथेनॉल ब्लेंडिंग को बढ़ावा दे रही है, ताकि पेट्रोलियम आयात पर निर्भरता कम की जा सके।

पहले कई चीनी मिलें गन्ने की सप्लाई का बड़ा हिस्सा चीनी उत्पादन में इस्तेमाल करती थीं। लेकिन एथेनॉल की मांग बढ़ने के साथ गन्ने और उससे बनने वाले उत्पादों के इस्तेमाल का संतुलन भी बदला है। इसका असर घरेलू बाजार में चीनी की उपलब्धता पर पड़ने की बात कही जा रही है।

चीनी की कीमतों में बढ़ोतरी का असर केवल घरों के बजट तक सीमित नहीं रहेगा। मिठाई दुकानदारों, हलवाई और बेकरी कारोबारियों के लिए भी लागत बढ़ सकती है। त्योहारों के दौरान मिठाइयों की मांग बढ़ने के कारण कारोबारी बढ़ी लागत का कुछ हिस्सा ग्राहकों से वसूल सकते हैं।

फिलहाल जालंधर में 65 रुपये किलो तक पहुंची चीनी की कीमत ने बाजार में हलचल पैदा कर दी है। व्यापारियों की नजर अब सरकार की ओर से स्टॉक और सप्लाई को लेकर उठाए जाने वाले कदमों पर है। अगर बाजार में चीनी की उपलब्धता बढ़ती है तो कीमतों में कुछ राहत मिलने की उम्मीद की जा सकती है।

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