सुभासपा विधायक अब्बास अंसारी और जगदीश नारायण पर अध्यक्ष राजभर बोले- ‘वे पहले से सपाई, अखिलेश ने की धोखेबाजी’
लखनऊ, 3 अक्टूबर (आईएएनएस)। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने पार्टी विधायक अब्बास अंसारी और जगदीश नारायण के राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग की संभावनाओं पर जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि अब्बास अंसारी और जगदीश नारायण चुनाव जीतने के बाद से ही सपा के साथ हैं। हमें अखिलेश यादव ने धोखा दिया है।
ओमप्रकाश राजभर ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से कहा, "वे (अब्बास अंसारी और जगदीश नारायण) जीते तब ही से समाजवादी पार्टी के हैं। चुनाव लड़े तब ही सपा के थे। वो खाली हमारा सिंबल लेकर चुनाव लड़े।”
उन्होंने आगे कहा, "यह अखिलेश यादव की धोखेबाजी है, चार सौ बीसी है। अखिलेश ने धोखा दिया। हमको 16 सीट नाम से दी थीं, लेकिन 12 उम्मीदवार अपने उतारे थे। ये उन्हीं के लोग हैं। चुनाव से ही समाजवादी पार्टी का झंडा-डंडा लेकर घूमते हैं।"
इसी बीच, राजभर ने उत्तर प्रदेश कांग्रेस में बदलाव पर कहा, "उनके संगठन का विस्तार है, वोट कैसे पार्टी को मिले इसके लिए संगठन का विस्तार होता है। समय-समय पर सभी पार्टियां करती हैं, तो कांग्रेस ने भी किया है।"
राजभर ने इमरान मसूद पर कहा, "वो मालिक नहीं हैं, मालिक तो सोनिया गांधी हैं। उनसे हम कहेंगे कि अपनी पार्टी के नेता से कहिए कि यूपी में मुख्यमंत्री का चेहरा मुसलमान को घोषित करें। हम यही कहेंगे कि बहुत दिन मुसलमानों ने कांग्रेस को वोट दिया, तो कोई मुस्लिम चेहरा भी तो सीएम का घोषित करें।"
इसी बीच, सीजेपी के प्रदर्शन पर मंत्री ओपी राजभर ने कहा, "अभिजीत दीपके नीट परीक्षा को लेकर छात्रों का आंदोलन करते-करते अब वो राजनीति करने लगे हैं। वे सीईसी ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा मांग रहे हैं, क्या उन्हें राजनीति की जानकारी है। वे या तो कांग्रेस ज्वाइन कर ले, या तो सपा ज्वाइन कर ले, नहीं तो कोई पार्टी ज्वाइन करके कुर्ता-पायजामा पहन ले, आकर मांगे।"
राजभर ने दीपके पर छात्रों को गुमराह करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "वे छात्रों को गुमराह न करें। छात्रों का आंदोलन अगर करना है तो छात्रों के साथ, छात्रों के हित की बात करें। ज्ञानेश कुमार से छात्रों का क्या ताल्लुकात है?"
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि शुद्ध रूप से विदेशी फंडिंग उनको (दीपके) मिलती है और वो सरकार को बदनाम करने के लिए, सरकार की जो अपने देश की गतिविधियां हैं, उसको विदेश लीकआउट करने के लिए वो यहां अमेरिका से आए हैं।
--आईएएनएस
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