दिल्ली के पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन समेत छह गिरफ्तार, एसटीपी टेंडर घोटाले में एसीबी की बड़ी कार्रवाई
नई दिल्ली, 18 अगस्त (आईएएनएस)। दिल्ली सरकार की एंटी करप्शन ब्रांच (एसीबी) ने दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) टेंडर में बड़े घोटाले के आरोप में 6 लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार लोगों में जीएनसीटीडी के पूर्व जल मंत्री सत्येंद्र कुमार जैन, डीजेबी के पूर्व सीईओ आईएएस उदित प्रकाश राय, डीजेबी के पूर्व कॉन्ट्रैक्टुअल कंसल्टेंट अंकित श्रीवास्तव और तीन प्राइवेट कंपनियों के मालिक शामिल हैं।
यह कार्रवाई एसीबी ने एफआईआर नंबर 10/2024 के तहत की। यह मामला भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7/7ए/9/13 और आईपीसी की धारा 420/409/418/120-बी के तहत दर्ज है।
यह शिकायत जीएनसीटीडी के सतर्कता निदेशालय की ओर से मिली थी। आरोप है कि डीजेबी के एसटीपी प्लांट्स को अपग्रेड करने के टेंडर में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं की गईं। जांच में सामने आया कि टेंडर की तकनीकी शर्तों को इस तरह बनाया गया कि वह एक खास टेक्नोलॉजी प्रोवाइडर मेसर्स यूरोटेक एनवायरनमेंट प्राइवेट लिमिटेड के पक्ष में चली जाएं।
अधिकारियों के अनुसार, टेंडर में प्रस्तावित पायलट स्टडी नहीं कराई गई। इस्तेमाल होने वाली तकनीक और मीडिया से जुड़ी सीमित करने वाली शर्तें जोड़ी गईं। ट्रीटेड पानी के जरूरी पैरामीटर्स को हटा दिया गया। इन बदलावों की वजह से सरकारी खजाने पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ा और प्रतिस्पर्धा सीमित हो गई।
इलेक्ट्रॉनिक सबूतों से पता चला है कि टेंडर की शर्तें, शुद्धिपत्र और अन्य दस्तावेज प्राइवेट लोगों और सरकारी अधिकारियों के बीच पहले से साझा किए गए थे। इन्हीं दस्तावेजों को बाद में डीजेबी के टेंडर नोटिस में शामिल किया गया। इससे साफ है कि टेंडर को प्रभावित करने के लिए मिलीभगत की गई।
एसीबी की फाइनेंशियल जांच में मनी ट्रेल भी सामने आई है। जांच के मुताबिक मेसर्स सृजनहार और मेसर्स एएन एंटरप्राइजेज को मिडिल कंपनियों के रूप में इस्तेमाल कर कमीशन और रिश्वत का लेन-देन हुआ।
आरोप है कि टेक्नोलॉजी प्रोवाइडर मेसर्स यूरोटेक से पैसा पहले मेसर्स एएन एंटरप्राइजेज में आया। इसके बाद आरोपी नागेंद्र यादव की प्रोपराइटरशिप फर्म से डीजेबी के तत्कालीन सीईओ उदित प्रकाश राय और उनके रिश्तेदारों के बैंक खातों में 1.52 करोड़ रुपए ट्रांसफर किए गए। जांच एजेंसी का कहना है कि इस रकम का इस्तेमाल अचल संपत्ति खरीदने में किया गया।
जांच में यह भी सामने आया कि राजा कुमार कुर्रा, नागेंद्र यादव और अंकित श्रीवास्तव के बीच एसटीपी टेंडर, टेंडर की शर्तों और शुद्धिपत्र को लेकर लगातार बातचीत हुई। इन्हीं बातचीत के बाद टेंडर में ऐसी शर्तें जोड़ी गईं, जिनसे मेसर्स यूरोटेक को सीधा लाभ मिला।
एसीबी ने मंगलवार को छह आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनमें जीएनसीटीडी के पूर्व जल मंत्री सत्येंद्र कुमार जैन, डीजेबी के पूर्व सीईओ उदित प्रकाश राय; डीजेबी के पूर्व कॉन्ट्रैक्टुअल कंसल्टेंट अंकित श्रीवास्तव; मेसर्स एएन एंटरप्राइजेज के मालिक नागेंद्र यादव; मेसर्स यूरोटेक एनवायरनमेंट प्राइवेट लिमिटेड के मालिक राजा कुमार कुर्रा और मेसर्स सृजनहार के मालिक पंकज वर्मा शामिल हैं।
एसीबी अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले में अपराध से हुई कमाई और पैसे के लेन-देन की गहराई से जांच की जा रही है। सभी आरोपियों से पूछताछ के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
यह मामला दिल्ली जल बोर्ड के एसटीपी अपग्रेड प्रोजेक्ट से जुड़ा है, जिसमें करोड़ों रुपए का सरकारी निवेश प्रस्तावित था। एसीबी का आरोप है कि इस प्रोजेक्ट को एक खास कंपनी के पक्ष में मोड़ने के लिए सरकारी प्रक्रिया और नियमों का उल्लंघन किया गया।
--आईएएनएस
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