Kerala में मंदिर उत्सव के दौरान हड़कंप! बेकाबू हाथियों ने मचाई तबाही, कुचलकर लोगों को उतारा मौत के घाट
1 मई को केरल में मंदिरों के उत्सवों के दौरान हाथियों के अचानक बेकाबू होकर उत्पात मचाने की घटनाओं ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है। इन घटनाओं से जुड़े कई वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से फैल रहे हैं, जिनमें हाथियों का आक्रामक व्यवहार साफ़ तौर पर देखा जा सकता है। इन वायरल क्लिप्स ने न केवल आम जनता को दहशत में डाल दिया है, बल्कि धार्मिक समारोहों में हाथियों के इस्तेमाल को लेकर एक नई बहस भी छेड़ दी है।
इंटरनेट पर सामने आ रही जानकारी के अनुसार, एर्नाकुलम ज़िले के किडांगूर श्री महाविष्णु मंदिर में आयोजित एक उत्सव के दौरान एक हाथी अचानक बेकाबू हो गया और उत्पात मचाने लगा। रिपोर्टों के मुताबिक, इस हमले में एक लॉरी चालक की जान चली गई। हालाँकि, इस मौत की आधिकारिक पुष्टि को लेकर विरोधाभासी रिपोर्टें सामने आई हैं, लेकिन वीडियो में दिखाई गई स्थिति बेहद गंभीर और डरावनी लग रही है।
A devastating elephant attack was reported at Kidangoor Mahavishnu Temple in Angamaly, Kerala, on May 1. Around 9:45 AM, the elephant Mayyanad Parthasarathy went into musth and turned violent. It killed Vishnu, a lorry driver from Kollam, and left mahout Pradeep seriously… pic.twitter.com/fPg0xmdWW8
— Chutki Chaiwali🇮🇳 (@Chai_Angelic) May 2, 2026
त्रिशूर ज़िले के कूड़लमणिक्यम मंदिर में भी ऐसी ही एक और दुखद घटना घटी, जहाँ एक 25 वर्षीय युवक हाथी के पैरों तले कुचला गया। उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। ऐसी दुर्घटनाएँ यह अहम सवाल खड़ा करती हैं कि क्या भीड़भाड़ वाले धार्मिक समारोहों में हाथियों को शामिल करना सुरक्षित है। अभी वायरल हो रहे वीडियो में से एक में, एक हाथी पूरी तरह से बेकाबू और गुस्से में दिखाई दे रहा है; वह अपनी सूंड से एक स्विफ़्ट कार को उठाता है और उसे बार-बार ज़मीन पर पटकता है, जिससे गाड़ी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो जाती है। वहाँ मौजूद लोग दहशत में इधर-उधर भागते हुए दिखाई दे रहे हैं। ऐसा दृश्य यकीनन किसी भी आम इंसान के लिए बेहद डरावना होगा।
बताया जा रहा है कि मौके पर मौजूद टीम को हाथी को काबू में करने के लिए काफ़ी मशक्कत करनी पड़ी। लगभग दो घंटे की कड़ी मेहनत के बाद ही स्थिति पर आखिरकार काबू पाया जा सका। इस दौरान, स्थानीय प्रशासन और प्रशिक्षित महावतों ने मिलकर हाथी को शांत कराने की कोशिश की। हालाँकि, घटनाओं के इस पूरे क्रम ने यह बात पूरी तरह से साफ़ कर दी है कि ऐसे समारोहों में सुरक्षा के इंतज़ाम अक्सर नाकाफ़ी होते हैं।
@Chai_Angelic नाम के एक यूज़र ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म 'X' (ट्विटर) पर इन घटनाओं से जुड़े वीडियो शेयर किए हैं, जो तब से तेज़ी से वायरल हो रहे हैं। इन वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए लोग चिंता ज़ाहिर कर रहे हैं और यह सवाल उठा रहे हैं कि ऐसे जोखिम भरे आयोजनों को कब तक जारी रखने की अनुमति दी जाएगी। केरल में, मंदिरों के उत्सवों के दौरान हाथियों को सजाने-संवारने और उन्हें जुलूसों में शामिल करने की परंपरा बहुत पुरानी है। इसे सांस्कृतिक और धार्मिक, दोनों ही दृष्टिकोणों से काफ़ी महत्वपूर्ण माना जाता है। हालाँकि, हाल के वर्षों में इस परंपरा से जुड़े खतरे बार-बार सामने आए हैं। कई मौकों पर, हाथी तेज़ आवाज़ों, भीड़ या अन्य कारणों से उत्तेजित होकर बेकाबू हो जाते हैं—जिसके परिणामस्वरूप जान-माल का नुकसान होता है।

