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श्रीनगर में एनडीपीएस अधिनियम के तहत दो नशा तस्करों की 3.5 करोड़ की संपत्ति जब्त

श्रीनगर, 6 जून (आईएएनएस)। ‘नशा मुक्त जम्मू-कश्मीर अभियान’ के तहत ड्रग तस्करी के खिलाफ लगातार चल रही कार्रवाई के दौरान श्रीनगर पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है।
श्रीनगर में एनडीपीएस अधिनियम के तहत दो नशा तस्करों की 3.5 करोड़ की संपत्ति जब्त

श्रीनगर, 6 जून (आईएएनएस)। ‘नशा मुक्त जम्मू-कश्मीर अभियान’ के तहत ड्रग तस्करी के खिलाफ लगातार चल रही कार्रवाई के दौरान श्रीनगर पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है।

पुलिस ने एनडीपीएस अधिनियम 1985 के प्रावधानों के तहत दो कुख्यात नशा तस्करों की लगभग 3.5 करोड़ रुपये मूल्य की अचल संपत्ति जब्त कर ली है। यह कार्रवाई नशीले पदार्थों के अवैध व्यापार से अर्जित संपत्तियों पर सख्त प्रहार के रूप में देखी जा रही है।

पहली कार्रवाई में निगीन पुलिस ने वर्ष 2021 में दर्ज एक प्राथमिक रिपोर्ट के तहत धारा 8/21 एनडीपीएस अधिनियम के मामले में आगे बढ़ते हुए धारा 68 (एफ) (1) के तहत लगभग 1.30 करोड़ रुपये की संपत्ति को जब्त किया। यह संपत्ति हब्बाक क्रॉसिंग, हज़रतबल क्षेत्र के निवासी राहिल मंज़ूर मल्ला की है, जिसमें उसी क्षेत्र में स्थित जमीन और दो मंजिला आवासीय मकान शामिल है। जांच में यह पाया गया कि यह संपत्ति नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री से अर्जित धन से खरीदी गई थी।

दूसरी कार्रवाई सौरा पुलिस द्वारा की गई, जिसमें लगभग 2.20 करोड़ रुपये मूल्य का एक रिहायशी मकान जब्त किया गया। यह मकान आदिल रशीद गुड्डू का बताया गया है, जो हैदर कॉलोनी के अपर सौरा क्षेत्र का निवासी है और नशीले पदार्थों की तस्करी की गतिविधियों में शामिल रहा है। इस संपत्ति को भी एनडीपीएस अधिनियम की धारा 68-एफ के तहत अवैध आय से अर्जित मानते हुए जब्त किया गया है।

जांच एजेंसियों के अनुसार, दोनों मामलों में यह स्पष्ट हुआ कि संपत्तियां नशे के अवैध कारोबार से कमाए गए धन से बनाई गई थीं। इसके बाद कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए इन संपत्तियों को औपचारिक रूप से जब्त कर लिया गया है। अब इन संपत्तियों के मालिक इन्हें बेचने, हस्तांतरित करने, पट्टे पर देने या किसी भी प्रकार से बदलने या किसी तीसरे पक्ष को अधिकार देने में सक्षम नहीं होंगे।

श्रीनगर पुलिस ने कहा है कि यह कार्रवाई नशे के नेटवर्क को कमजोर करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। पुलिस ने जनता से भी अपील की है कि वे नशा तस्करी और इससे जुड़ी गतिविधियों की जानकारी साझा कर प्रशासन का सहयोग करें, ताकि समाज को नशे के खतरे से मुक्त किया जा सके और युवाओं का भविष्य सुरक्षित बनाया जा सके।

--आईएएनएस

एसएचके/पीएम

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