श्रीनगर में पहली बार हुआ सस्टेनेबल माउंटेन समिट, जितेंद्र सिंह ने बताया रोजगार का नया अवसर
श्रीनगर, 13 अक्टूबर (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर में पहली बार आयोजित 13वें सस्टेनेबल माउंटेन डेवलपमेंट समिट और एग्रीकल्चर साइंस कांग्रेस 2026 को लेकर केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि इस समिट के जरिए जम्मू-कश्मीर को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिली है और हजारों युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा हुए हैं।
केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, "सस्टेनेबल माउंटेन डेवलपमेंट समिट पहली बार जम्मू-कश्मीर में हुआ है। यह ऑल इंडिया समिट था। जम्मू-कश्मीर के हवाले से कई प्रोजेक्ट शुरू किए गए हैं। आज जम्मू-कश्मीर की पहचान पूरे देश में बनी है। 7 से 8 हजार नौजवानों को रोजगार का नया जरिया मिला है।"
यह समिट शेर-ए-कश्मीर यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चरल साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी ऑफ कश्मीर (एसकेयूएएसटी-के) में आयोजित किया गया। इस तीन दिवसीय समिट का मुख्य विषय 'समावेशी विकसित भारत के लिए टिकाऊ हिमालयी परिदृश्य को आकार देना' रहा।
केंद्रीय राज्य मंत्री ने 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए एसकेयूएएसटी-के के वाइस चांसलर प्रोफेसर नजीर अहमद गनई और पूरी फैकल्टी का आभार जताया। उन्होंने लिखा, "3 दिन तक चले ऑल इंडिया सस्टेनेबल माउंटेन डेवलपमेंट समिट के दौरान सम्मान करने के लिए एसकेयूएएसटी-के के वाइस-चांसलर प्रोफेसर नजीर अहमद गनई और फैकल्टी का धन्यवाद।"
एक अन्य पोस्ट में जितेंद्र सिंह ने लिखा, "यह पर्वतीय क्षेत्रों के टिकाऊ विकास को आगे बढ़ाने, हिमालयी इकोसिस्टम की रक्षा करने और पर्वतीय समुदायों को सशक्त बनाने का एक महत्वपूर्ण मंच है। इस गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए वाइस चांसलर प्रो. नजीर ए. गनई, जम्मू-कश्मीर सरकार में विज्ञान और प्रौद्योगिकी सचिव बबीला रकवाल, फैकल्टी सदस्यों और देश भर से आए प्रतिष्ठित विद्वानों व प्रतिभागियों का धन्यवाद।"
उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार पर्वतीय क्षेत्रों के विकास के लिए लगातार काम कर रही है। जम्मू-कश्मीर में कृषि, विज्ञान और तकनीक से जुड़े कई प्रोजेक्ट शुरू किए गए हैं, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है।
इसके साथ ही केंद्रीय राज्य मंत्री ने नई दिल्ली में ब्रिटिश दूतावास में आयोजित यूनाइटेड किंगडम के राजा के जन्मदिन के रिसेप्शन (केबीपी2026) का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इस आयोजन में भारत और यूनाइटेड किंगडम के बीच गहरी दोस्ती का जश्न मनाया गया। यह आयोजन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार के तहत भारत-यूके के बीच चल रहे द्विपक्षीय संबंधों और ऐतिहासिक व्यापार समझौते के अनुरूप था।
--आईएएनएस
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