Sri City Boiler Blast: हादसे से Tablets India का कोई लेना-देना नहीं, कंपनी ने दी सफाई; 5 मजदूरों की गई जान
नई दिल्ली/तिरुपति: आंध्र प्रदेश के तिरुपति जिले में स्थित श्री सिटी स्पेशल इकोनॉमिक जोन (SEZ) में हुए भीषण बॉयलर विस्फोट को लेकर एक अहम स्पष्टीकरण सामने आया है। हादसे में पांच कर्मचारियों की मौत के बाद लोगों के बीच इस घटना को Tablets (India) Limited से जोड़कर देखा जा रहा था। अब कंपनी ने स्पष्ट किया है कि श्री सिटी में हुए इस हादसे से उसका कोई संबंध नहीं है। कंपनी ने हादसे में जान गंवाने वाले कर्मचारियों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना भी व्यक्त की है।
श्री सिटी में कैसे हुआ हादसा?
श्री सिटी स्थित TIL Healthcare Private Limited की दवा निर्माण इकाई में 3 अक्टूबर की सुबह करीब 8:30 बजे बॉयलर में जोरदार विस्फोट हुआ। धमाका इतना तेज था कि आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई। हादसे में पांच कर्मचारियों की मौत हो गई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, घटना के समय शिफ्ट बदलने का समय था और यूनिट में जरूरी कर्मचारी ही मौजूद थे। यही वजह रही कि हादसा और भी बड़ा होने से बच गया।
मृतकों में पश्चिम बंगाल के गौरब रॉय के अलावा आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु के कर्मचारी शामिल थे। हादसे के बाद स्थानीय प्रशासन, पुलिस और राहत दल मौके पर पहुंचे और बचाव अभियान शुरू किया। घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया।
Tablets India ने क्या कहा?
हादसे के बाद Tablets (India) Limited की ओर से जारी स्पष्टीकरण में कहा गया है कि कंपनी का आंध्र प्रदेश के श्री सिटी इलाके में कोई कारखाना या मैन्युफैक्चरिंग यूनिट नहीं है। कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया कि TIL Healthcare Private Limited और Tablets (India) Limited दो अलग-अलग कंपनियां हैं और दोनों के बीच न तो साझा स्वामित्व है और न ही समान प्रबंधन।
कंपनी ने कहा कि श्री सिटी में TIL Healthcare के प्लांट में हुआ बॉयलर विस्फोट उसके कारोबार या संचालन से किसी भी तरह जुड़ा हुआ नहीं है। कंपनी ने मीडिया और आम लोगों के बीच पैदा हुए भ्रम को दूर करने के लिए यह स्पष्टीकरण जारी किया है।
पांच परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़
बॉयलर विस्फोट में पांच कर्मचारियों की मौत के बाद उनके परिवारों में मातम पसरा हुआ है। कंपनी की ओर से मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई गई है। वहीं, आंध्र प्रदेश सरकार ने प्रत्येक मृतक के परिवार को 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। हादसे की तकनीकी जांच के लिए विशेष टीम गठित की गई है।
प्रशासन ने बॉयलर निरीक्षक को निलंबित कर दिया है और हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि विस्फोट तकनीकी खराबी, मशीन की स्थिति या सुरक्षा मानकों से जुड़ी किसी चूक के कारण हुआ।
पूरे श्री सिटी में सुरक्षा ऑडिट के आदेश
हादसे के बाद प्रशासन ने श्री सिटी के औद्योगिक क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीरता दिखाई है। सभी औद्योगिक इकाइयों का थर्ड-पार्टी सेफ्टी ऑडिट कराने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद जिम्मेदारी तय की जाएगी और लापरवाही मिलने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
श्री सिटी में हुआ यह हादसा एक बार फिर औद्योगिक इकाइयों में बॉयलर, हाई-प्रेशर उपकरण और अन्य मशीनरी की नियमित जांच तथा सुरक्षा प्रोटोकॉल के कड़ाई से पालन की जरूरत को सामने लाता है। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता हादसे के वास्तविक कारण का पता लगाना और प्रभावित परिवारों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराना है।

