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दिल्ली एयरपोर्ट पर गहराया स्पाइसजेट का संकट: दुबई के बाद अब कई घरेलू व अंतरराष्ट्रीय उड़ानें प्रभावित

दिल्ली एयरपोर्ट पर गहराया स्पाइसजेट का संकट: दुबई के बाद अब कई घरेलू व अंतरराष्ट्रीय उड़ानें प्रभावित

स्पाइसजेट इन दिनों वित्तीय और ऑपरेशनल चुनौतियों से जूझ रही है। एयरलाइन की उड़ानों को लेकर यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दिल्ली एयरपोर्ट की ओर से बताया गया है कि यात्रियों को जरूरी मदद उपलब्ध कराई जा रही है।स्पाइसजेट की स्थिति को लेकर केंद्र सरकार भी एयरलाइन के साथ लगातार बातचीत कर रही है। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने 3 सितंबर को कहा था कि सरकार एयरलाइन के संचालन और वित्तीय स्थिति पर नजर बनाए हुए है।सरकार ने स्पाइसजेट से अपनी उड़ानों की संख्या बढ़ाने को कहा है। एयरलाइन ने भी जल्द अपने ऑपरेशन में सुधार का भरोसा दिया है। मंत्री के मुताबिक, स्पाइसजेट ने सरकार से सीधे तौर पर अतिरिक्त आर्थिक मदद नहीं मांगी है, लेकिन ECLGS यानी इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम के तहत फंड जुटाने की कोशिश कर रही है।

ECLGS के तहत सरकार बैंकों से लिए जाने वाले कर्ज पर गारंटी देती है। इससे कंपनियों के लिए बैंक से कर्ज लेना आसान हो जाता है।

एयरलाइन सेक्टर पर बढ़ती ATF कीमतों, एयरस्पेस से जुड़ी पाबंदियों, अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में कमी और विमानों के कम इस्तेमाल जैसे कारणों से वित्तीय दबाव बढ़ा है। इसी को देखते हुए केंद्र सरकार ने मई में भारतीय एयरलाइंस के लिए ECLGS 5.0 को मंजूरी दी थी।

समय पर उड़ान के मामले में स्पाइसजेट का प्रदर्शन कमजोर

स्पाइसजेट के लिए एक और चुनौती उसकी समय पर उड़ान भरने की क्षमता है। जुलाई में एयरलाइन की सिर्फ 34.5% उड़ानें निर्धारित समय पर संचालित हुईं

इस आंकड़े से पता चलता है कि समय पर उड़ान के मामले में एयरलाइन का प्रदर्शन बड़ी कंपनियों की तुलना में कमजोर रहा।

घरेलू बाजार हिस्सेदारी भी कम हुई

स्पाइसजेट की घरेलू बाजार हिस्सेदारी में भी जुलाई में गिरावट दर्ज की गई। जून में एयरलाइन की हिस्सेदारी 1.9% थी, जो जुलाई में घटकर 1.6% रह गई।

जुलाई में स्पाइसजेट ने करीब 1.87 लाख यात्रियों को सफर कराया। इसी दौरान इंडिगो की घरेलू बाजार हिस्सेदारी 67.4%, एयर इंडिया ग्रुप की 24% और अकासा एयर की 5.5% रही।

यानी स्पाइसजेट के सामने फिलहाल एक साथ कई चुनौतियां हैं—उड़ानों का संचालन, समय पर फ्लाइट्स और बाजार हिस्सेदारी। आने वाले समय में एयरलाइन अपने ऑपरेशन में कितना सुधार कर पाती है, इस पर यात्रियों और एविएशन सेक्टर दोनों की नजर रहेगी।

एयर इंडिया से जुड़ा एक और मामला

इसी बीच एयर इंडिया से जुड़ा एक अलग मामला भी सामने आया है। रिपोर्टों के मुताबिक, तीन इतालवी नागरिक दिल्ली से म्यूनिख की यात्रा के दौरान कथित तौर पर इमिग्रेशन जांच के बिना एयरपोर्ट से निकल गए।तीनों यात्रियों ने 4 सितंबर की सुबह लुफ्थांसा की फ्लाइट LH-763 से उड़ान भरी थी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने इस मामले में एयर इंडिया को कारण बताओ नोटिस जारी किया है और सात दिन के भीतर जवाब मांगा है।

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