शरद पवार की NCP को लेकर अटकलें तेज, वीडियो में देंखे NDA में शामिल होने और कांग्रेस में विलय की चर्चाओं पर पार्टी ने दी सफाई
महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के संस्थापक शरद पवार की पार्टी के भविष्य को लेकर नई अटकलें लगाई जा रही हैं। चर्चा है कि पार्टी या तो राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) में शामिल हो सकती है या फिर कांग्रेस में विलय का रास्ता अपना सकती है। हालांकि, पार्टी नेतृत्व ने इन सभी दावों को सिरे से खारिज कर दिया है।
एनसीपी (शरद पवार गुट) के प्रदेश अध्यक्ष शशिकांत शिंदे ने कहा कि पार्टी के NDA में शामिल होने या कांग्रेस में विलय की खबरें पूरी तरह अफवाह हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल ऐसा कोई प्रस्ताव या निर्णय नहीं है।
पार्टी के भीतर भी मतभेद की चर्चा
सूत्रों के अनुसार, पार्टी के कई वरिष्ठ नेता NDA में जाने के पक्ष में नहीं हैं। बताया जा रहा है कि इस मुद्दे पर संगठन के भीतर अलग-अलग राय सामने आई है।सूत्रों का यह भी दावा है कि शरद पवार के पोते और विधायक रोहित पवार भी पार्टी के NDA में शामिल होने के संभावित फैसले के विरोध में हैं। हालांकि, इस संबंध में रोहित पवार की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
शरद पवार की बैठकों से बढ़ीं अटकलें
राजनीतिक चर्चाओं को उस समय और बल मिला, जब 8 जुलाई को महाराष्ट्र-कर्नाटक सीमा विवाद को लेकर मुंबई स्थित विधानभवन में एक बैठक आयोजित की गई। बैठक के बाद शरद पवार ने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के कक्ष में जाकर अपनी पार्टी के विधायकों से मुलाकात की।इसके बाद बुधवार को भी शरद पवार ने विधानभवन में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से मुलाकात की। इस मुलाकात ने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया।
बैठक के एजेंडे पर नहीं आई आधिकारिक जानकारी
सूत्रों के मुताबिक, शरद पवार के विधानभवन पहुंचने की जानकारी मिलते ही उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने अपनी चल रही बैठक कुछ समय के लिए रोक दी और उनसे मुलाकात की।हालांकि, दोनों नेताओं के बीच किन मुद्दों पर चर्चा हुई, इसे लेकर कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई है। इसी वजह से राजनीतिक अटकलों का दौर जारी है।
पार्टी ने अफवाहों से बचने की अपील की
एनसीपी नेतृत्व का कहना है कि पार्टी अपने संगठनात्मक और राजनीतिक एजेंडे पर काम कर रही है तथा गठबंधन या विलय को लेकर चल रही चर्चाओं का कोई आधार नहीं है। पार्टी नेताओं ने कार्यकर्ताओं और समर्थकों से अपुष्ट खबरों पर भरोसा न करने की अपील की है।फिलहाल महाराष्ट्र की राजनीति में इन बैठकों और चर्चाओं पर सभी की नजर बनी हुई है। आने वाले दिनों में पार्टी नेतृत्व की ओर से यदि कोई आधिकारिक फैसला लिया जाता है, तभी इन अटकलों पर पूरी तरह विराम लग सकेगा।

