एसपी सिंह बघेल ने की जेएनयू घटना पर बोले, यह देश की एकता, अखंडता और भाईचारे को तोड़ने वाली सोच
नई दिल्ली, 6 जनवरी (आईएएनएस)। केंद्रीय राज्य मंत्री एसपी सिंह बघेल ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ की गई विवादित टिप्पणी की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि यह देश की अखंडता, एकता और भाईचारे को तोड़ने वाली सोच है।
नई दिल्ली में आईएएनएस से बातचीत में केंद्रीय राज्य मंत्री एसपी सिंह बघेल ने कहा कि जेएनयू में छात्रों द्वारा लगाए गए नारों की जितनी निंदा की जाए, वह कम है। वहां कुछ नया नहीं हुआ, आए दिन ऐसा होता रहता है।
फिल्म कश्मीर फाइल्स का जिक्र करते हुए केंद्रीय राज्य मंत्री एसपी सिंह बघेल ने कहा कि फिल्म में भी दिखाया गया था कि कैसे वहां के प्रोफेसर और छात्र विवादित टिप्पणियां करते हैं और भारत विरोधी नारे लगाते हैं। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का विवेक है कि किसे जमानत देनी है और किसे नहीं। कोर्ट के आदेश को प्रभावित करने की कोशिश उचित नहीं है। कोर्ट के आदेश का सम्मान करना चाहिए। कोर्ट का आदेश सभी के लिए मान्य होता है। उन्होंने कहा कि जेएनयू में जिस तरह के नारे लगाए गए हैं, मैं इसकी घोर निंदा करता हूं।
यूपी में एसआईआर को लेकर विपक्षी दलों के विरोध पर केंद्रीय राज्य मंत्री ने कहा कि एसआईआर होने के बाद पहला आम चुनाव बिहार में हुआ। बिहार की जनता ने सिर्फ एनडीए को पूर्ण बहुमत ही नहीं दिया, बल्कि एसआईआर को लेकर जो अफवाह विपक्ष ने फैलाई, उसे भी करारा जवाब दिया। बिहार की जनता ने बताया कि एसआईआर देशहित में है और यूपी में भी यही होगा।
कुपोषण का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि विज्ञान भवन में पोषण सुरक्षा एवं कुपोषण उन्मूलन में कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व की भूमिका पर आयोजित राष्ट्रीय कॉन्क्लेव आयोजित की गई। इसमें बताया गया कि पोषण केवल सामाजिक दायित्व नहीं, बल्कि राष्ट्र-निर्माण की आधारशिला है। सीएसआर के माध्यम से लक्षित, परिणामोन्मुख और समन्वित प्रयास ही स्वस्थ, सशक्त और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार कर सकते हैं।
यह कार्यक्रम पीएम मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में पोषण सुरक्षा, डेयरी क्षेत्र के सुदृढ़ीकरण तथा आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को सशक्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय पहल है।
--आईएएनएस
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