सोनीपत से मुंबई तक हथियारों की सप्लाई, गैंगस्टर अनिल पंडित से जुड़े तार: दिल्ली पुलिस
नई दिल्ली, 21 अक्टूबर (आईएएनएस)। अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग की घटना के सिलसिले में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने चार लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों में दो महिलाएं राधा और बबीता तथा दो पुरुष कुणाल और सुमित शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक, इन आरोपियों पर हथियारों की सप्लाई करने और उन्हें मुंबई पहुंचाने में मदद करने का आरोप है। गिरफ्तारी के बाद चारों आरोपियों को मुंबई पुलिस के हवाले कर दिया गया है। अब मुंबई पुलिस इस मामले में आगे की जांच कर रही है।
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के डीसीपी प्रवीण त्रिपाठी ने आईएएनएस से बात करते हुए बताया कि नई दिल्ली रेंज की एक टीम ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए चारों आरोपियों को गिरफ्तार किया। शुरुआती जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी कुणाल हरियाणा के सोनीपत का रहने वाला है और वह गैंगस्टर अनिल पंडित के संपर्क में था। अनिल पंडित के निर्देश पर कुणाल ने अपने साथी सुमित के साथ अमृतसर जाकर एक तय स्थान से हथियार और कारतूस हासिल किए थे।
डीसीपी प्रवीण त्रिपाठी ने बताया कि कुणाल ने अमृतसर से एक पिस्तौल और 20 कारतूस लिए थे। इसके बाद उसने अपनी साथी राधा की मदद से हथियार मुंबई पहुंचाए। राधा और बबीता ने मुंबई के दादर रेलवे स्टेशन के पास एक नाबालिग लड़के को हथियार सौंपे थे। यह घटनाक्रम 17 अक्टूबर की सुबह करीब 11 बजे का बताया गया है।
उन्होंने बताया कि आरोपी 15 अक्टूबर को रवाना हुए थे और 17 अक्टूबर की सुबह मुंबई पहुंचे थे। जांच में यह भी सामने आया है कि कुणाल ने हथियारों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने के लिए राधा और बबीता की मदद ली थी। इसके साथ ही उसने राधा के साथ अपने निजी संबंधों का फायदा उठाकर उसे इस काम में शामिल किया। मुंबई पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद या सप्लाई किए गए हथियारों में से किसी का इस्तेमाल टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई फायरिंग में किया गया था या नहीं।
डीसीपी ने बताया कि शुरुआती जानकारी के अनुसार, हथियारों को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने के लिए कुणाल को करीब 70 हजार से 80 हजार रुपये मिले थे। इसमें से लगभग 10 हजार से 12 हजार रुपये बबीता को कूरियर के तौर पर काम करने के लिए दिए गए थे। कुणाल और सुमित सोनीपत के रहने वाले हैं, जबकि राधा और बबीता मूल रूप से उत्तर प्रदेश की निवासी हैं। दोनों महिलाएं सोनीपत में रहकर काम करती थीं।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि चारों आरोपी इस विशेष काम के सिलसिले में पिछले दो से तीन सप्ताह के दौरान एक-दूसरे के संपर्क में आए थे। आरोप है कि कुणाल हथियारों की व्यवस्था करने, उन्हें मुंबई पहुंचाने और वहां संबंधित व्यक्ति तक पहुंचाने के निर्देशों का पालन कर रहा था।
प्रवीण त्रिपाठी ने बताया कि कुणाल गैंगस्टर अनिल पंडित के संपर्क में था और दोनों एन्क्रिप्टेड कम्युनिकेशन माध्यमों का इस्तेमाल करते थे। कुणाल को सोशल मीडिया के जरिए निर्देश मिलते थे। इन निर्देशों में हथियार कहां से लेने हैं, उन्हें मुंबई कैसे पहुंचाना है और वहां किसे सौंपना है, जैसी बातें शामिल थीं।
डीसीपी ने यह भी बताया कि अनिल पंडित और हैरी बॉक्सर का नाम रणदीप मलिक गैंग से जुड़ा है। इस गैंग का नाम हाल के दिनों में जबरन वसूली के लिए फोन करने और गोलीबारी की घटनाओं में सामने आया है। कुणाल पहले भी अनिल पंडित के निर्देश पर पानीपत में हुई गोलीबारी की एक घटना में शामिल था।
--आईएएनएस
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