सोनिया गांधी मुझे ही अध्यक्ष बनाना चाहती थीं, लेकिन मेरे खिलाफ बड़ी साजिश हुई: अशोक गहलोत
जयपुर, 7 जून (आईएएनएस)। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने रविवार को कहा कि सोनिया गांधी और कांग्रेस आलाकमान उन्हें ही कांग्रेस अध्यक्ष बनाना चाहते थे, लेकिन उनके साथ साजिश की गई और उन्हें अध्यक्ष नहीं बनाया गया।
राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, “मैं अनपढ़ नहीं हूं। मुझे कांग्रेस अध्यक्ष पद के बारे में पूरी जानकारी है। पंडित नेहरू, मोतीलाल नेहरू और सरदार पटेल जैसे दिग्गज नेता इस पद पर रह चुके हैं। अगर सोनिया गांधी और कांग्रेस पार्टी मुझे यह जिम्मेदारी सौंपी होती तो क्या मैं ठुकरा देता? बिल्कुल नहीं। मेरे खिलाफ एक बड़ी साजिश रची गई थी। अचानक ऑब्जर्वर आ गए, ड्रामा हुआ और मेरी बदनामी कर दी गई।”
गहलोत ने कहा कि देशभर में लोग यह समझते हैं कि बगावत इसलिए हुई, क्योंकि वे मुख्यमंत्री बने रहना चाहते थे और कांग्रेस अध्यक्ष नहीं बनना चाहते थे।
उन्होंने कहा, “मैं उन्हें असलियत कैसे समझाऊं? मैं चुप रहा क्योंकि मुझे सोनिया गांधी को बताना था कि सचिन पायलट के खिलाफ बगावत हो या कुछ और, मुझे इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। मैं विधायक दल का नेता था। अखिल भारतीय कांग्रेस समिति के ऑब्जर्वर आए थे, फिर भी मैं प्रस्ताव पास नहीं करवा पाया। बाद में मैं सोनिया गांधी के पास गया और खेद जताया। मुझे अफसोस है कि ऐसी स्थिति पैदा हुई।”
उन्होंने मुख्यमंत्री बदलने की प्रक्रिया पर भी टिप्पणी की। गहलोत ने कहा, “जब भी हाईकमान को लगता है कि मुख्यमंत्री बदला जाना चाहिए तो मौजूदा मुख्यमंत्री के साथ खड़े 91 विधायक अचानक दूसरे व्यक्ति के पास चले जाते हैं। यह 2022 में हुआ था। यह बात सचिन पायलट को भी समझनी चाहिए। उन्हें काफी समय हो गया है।”
गहलोत ने कहा कि उन्हें पार्टी से बहुत कुछ मिला है और वे हमेशा पार्टी के प्रति वफादार रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि अध्यक्ष पद की पेशकश न होने और अचानक घटनाक्रम के कारण उनकी छवि खराब हुई। राजस्थान कांग्रेस के इस पुराने संकट पर गहलोत के ताजा बयान पार्टी के अंदर अभी भी चल रही खींचतान और पुरानी रंजिशों को फिर से उजागर करते हैं।
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