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सोनिया गांधी ने बनाया इंस्टाग्राम पर डेब्यू, पहली पोस्ट में दिखाई नई किताब की झलक; 10 नवंबर को होगी लॉन्च

सोनिया गांधी ने बनाया इंस्टाग्राम पर डेब्यू, पहली पोस्ट में दिखाई नई किताब की झलक; 10 नवंबर को होगी लॉन्च

कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर अपना अकाउंट बनाया। उन्होंने अपनी पहली पोस्ट में आने वाली किताब ‘Belonging: A Journey of Love’ का वीडियो साझा किया। यह किताब 10 नवंबर को लॉन्च होने वाली है। सोनिया गांधी की पहली पोस्ट सामने आते ही सोशल मीडिया पर चर्चा शुरू हो गई।

सुबह करीब 9 बजे शेयर की गई पोस्ट को दोपहर 12 बजे तक लगभग 59 हजार लाइक्स मिल चुके थे। उस समय उनके अकाउंट को करीब 13 हजार लोग फॉलो कर रहे थे। सोनिया गांधी अपने अकाउंट से राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और इंडियन नेशनल कांग्रेस को फॉलो कर रही हैं।अपनी पहली पोस्ट में सोनिया गांधी ने लिखा कि वह अपनी किताब पाठकों के साथ साझा करके खुश हैं। उनके मुताबिक, यह किताब प्यार, कर्तव्य, अपनों को खोने और अपनेपन की तलाश की कहानी है। उन्होंने कहा कि वह अपनी जिंदगी के इन अनुभवों को लोगों के साथ साझा करने के लिए उत्सुक हैं।

किताब के वीडियो में दिखीं दो तस्वीरें, प्रियंका ने खिलाई मिठाई

सोनिया गांधी की पोस्ट में किताब से जुड़ी झलकियां दिखाई गईं। वीडियो में वह किताब खोलकर उसके बारे में बात करती नजर आईं। उन्होंने बताया कि किताब में प्रियंका गांधी की कई तस्वीरें भी हैं।इस मौके पर प्रियंका गांधी वाड्रा ने अपनी मां सोनिया गांधी को मिठाई खिलाकर बधाई दी। किताब को लेकर आसपास मौजूद लोगों ने भी सोनिया गांधी को शुभकामनाएं दीं।

इटली के बचपन से राजीव गांधी से मुलाकात तक की कहानी

सोनिया गांधी की किताब में उनके निजी जीवन, परिवार और राजनीतिक सफर से जुड़े कई अनुभव शामिल हैं। इसमें इटली में बिताए बचपन से लेकर कैंब्रिज में राजीव गांधी से मुलाकात और फिर नेहरू-गांधी परिवार की बहू बनने तक की कहानी बताई गई है।किताब में परिवार के सदस्यों की हत्याओं के बाद उनकी जिंदगी में आए बदलावों का भी जिक्र है। इसके अलावा, 2004 में प्रधानमंत्री पद स्वीकार नहीं करने के फैसले से जुड़े अनुभव भी इसमें शामिल बताए गए हैं।

सोनिया गांधी के मुताबिक, उनके परिवार के बारे में काफी कुछ लिखा गया है, लेकिन उनके इरादों, काम और मानवीय पहलुओं को पूरी तरह समझने की कोशिश कम हुई है। उन्होंने कहा कि कई मायनों में यह किताब उनके परिवार की इंसानियत को समर्पित है।उनके अनुसार, यह किताब सिर्फ उनकी निजी जिंदगी की कहानी नहीं है, बल्कि भारत में लगभग छह दशकों के दौरान हुए सामाजिक और राजनीतिक बदलावों को देखने का एक अलग नजरिया भी पेश करती है।

1965 में राजीव गांधी से हुई थी मुलाकात

सोनिया गांधी का जन्म 9 दिसंबर 1946 को इटली में हुआ था। उनका जन्म का नाम एंटोनिया एडविज अल्बीना मैनो था। साल 1965 में कैंब्रिज में पढ़ाई के दौरान उनकी मुलाकात राजीव गांधी से हुई। दोनों ने 1968 में शादी की, जिसके बाद सोनिया भारत आ गईं।

1970 में राहुल गांधी और 1972 में प्रियंका गांधी वाड्रा का जन्म हुआ। शादी के शुरुआती वर्षों में राजीव गांधी विमान उड़ाने का काम करते थे, जबकि सोनिया परिवार की जिम्मेदारियां संभालती थीं। दोनों लंबे समय तक सक्रिय राजनीति से दूर रहे।1984 में इंदिरा गांधी की हत्या के बाद राजीव गांधी प्रधानमंत्री बने। हालांकि, सोनिया गांधी सार्वजनिक जीवन और राजनीति से दूरी बनाए रहीं।

राजीव गांधी की हत्या के बाद बदली जिंदगी

1991 में राजीव गांधी की हत्या के बाद भी सोनिया गांधी ने तत्काल राजनीति में प्रवेश नहीं किया। इस दौरान कांग्रेस की राजनीतिक स्थिति कमजोर होने लगी और पार्टी के भीतर मतभेद बढ़ने लगे।1997 में सोनिया गांधी ने कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता ली। इसके बाद 1998 में वह पार्टी की अध्यक्ष बनीं। उन्होंने लंबे समय तक कांग्रेस का नेतृत्व किया और 2017 तक पार्टी अध्यक्ष के पद पर रहीं। इसके बाद भी वह पार्टी के प्रमुख नेताओं में शामिल रहीं।

2004 में प्रधानमंत्री बनने से कर दिया था इनकार

2004 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (UPA) को सरकार बनाने का मौका मिला। गठबंधन के सहयोगियों ने सोनिया गांधी को प्रधानमंत्री बनाने का समर्थन किया था, लेकिन उन्होंने 18 मई 2004 को यह पद स्वीकार करने से इनकार कर दिया।

इसके बाद डॉ. मनमोहन सिंह को प्रधानमंत्री बनाने का रास्ता साफ हुआ। सोनिया गांधी के इस फैसले को भारतीय राजनीति की सबसे चर्चित घटनाओं में गिना जाता है।

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के मीडिया सलाहकार रहे संजय बारू ने अपनी किताब ‘The Accidental Prime Minister’ में भी उस दौर की राजनीति और सत्ता के कामकाज से जुड़े घटनाक्रम का वर्णन किया था। बाद में इसी नाम से फिल्म भी बनी।

सोनिया गांधी की नई किताब से अब उनके निजी अनुभवों, परिवार और राजनीति से जुड़े पहलुओं को उनके अपने नजरिए से जानने का अवसर मिलेगा। 10 नवंबर को इसके लॉन्च होने के बाद पाठकों की नजर इस बात पर रहेगी कि किताब में उनके जीवन के किन अनुभवों और राजनीतिक घटनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई है।

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