लद्दाख के मुद्दे पर सोनम वांगचुक नाराज, वीडियो में बोले- 19 से 24 सितंबर तक फिर करेंगे आंदोलन
लद्दाख के एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने लेह और कारगिल के नेताओं के साथ बुधवार को दिल्ली में हुई बैठक को लेकर निराशा जताई है। वांगचुक ने कहा कि बैठक भले ही अच्छे माहौल में हुई, लेकिन इसमें लद्दाख की मांगों को लेकर कोई ठोस प्रगति नहीं हुई। उन्होंने स्पष्ट संकेत दिया कि अगर सरकार की ओर से जल्द कोई ठोस आश्वासन नहीं मिलता है तो 19 से 24 सितंबर तक फिर से आंदोलन किया जाएगा।
वांगचुक ने कहा कि लद्दाख के लोग सरकार पर भरोसा करते हैं और इसी वजह से वे बार-बार बातचीत के लिए दिल्ली आते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार के साथ बना यह भरोसा टूटेगा नहीं। हालांकि, बैठक के बाद उनके बयान से साफ है कि मांगों को लेकर असंतोष अभी खत्म नहीं हुआ है।
‘बैठक अच्छे माहौल में हुई, लेकिन निकला कुछ नहीं’
सोनम वांगचुक के मुताबिक, दिल्ली में हुई बैठक का माहौल सकारात्मक था, लेकिन नतीजे के स्तर पर इसमें कुछ नया सामने नहीं आया। उन्होंने कहा कि करीब चार महीने पहले सरकार के साथ जिन मुद्दों पर फैसले हुए थे, बैठक में मुख्य रूप से उन्हीं बातों को दोहराया गया।वांगचुक का कहना है कि बैठक में लद्दाख की मांगों को लेकर कोई नया प्रस्ताव नहीं आया। इसके अलावा सरकार की ओर से स्थानीय शासन और जमीन से जुड़े नियमों में बड़े बदलाव नहीं किए जाने को लेकर भी स्पष्ट आश्वासन नहीं मिला।
19 से 24 सितंबर तक आंदोलन की चेतावनी
वांगचुक ने कहा कि अगर सरकार की ओर से लद्दाख के मुद्दे पर ठोस आश्वासन नहीं मिलता है तो 19 से 24 सितंबर के बीच आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा। उनका बयान ऐसे समय आया है जब लद्दाख के प्रतिनिधि अपनी मांगों को लेकर सरकार के साथ लगातार बातचीत कर रहे हैं।वांगचुक का कहना है कि बातचीत के जरिए समाधान निकालने की उम्मीद अभी कायम है, लेकिन इसके लिए सरकार की तरफ से स्पष्ट और ठोस कदम जरूरी हैं।
जसपाल भट्टी का जिक्र कर बैठक पर तंज
बैठक से पहले सोनम वांगचुक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर भी अपनी नाराजगी जाहिर की थी। उन्होंने मशहूर कॉमेडियन जसपाल भट्टी की मीटिंग्स का जिक्र करते हुए बैठक को लेकर तंज कसा।उन्होंने लिखा कि उन्हें जसपाल भट्टी की मीटिंग्स याद आ रही हैं। वांगचुक ने आरोप लगाया कि 9 सितंबर की बैठक लद्दाख का ध्यान 10 सितंबर से शुरू होने वाली बड़ी लेह से कारगिल पदयात्रा से हटाने के लिए एक गुमराह करने वाली कवायद जैसी लग रही थी।
उन्होंने आगे कहा कि दुर्भाग्य से भरोसा कम हो रहा है और अविश्वास बढ़ रहा है।
लद्दाख की मांगों पर बनी हुई है नजर
सोनम वांगचुक लंबे समय से लद्दाख से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर आवाज उठाते रहे हैं। उनका कहना है कि स्थानीय लोगों की मांगों पर सरकार को सिर्फ बातचीत तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि ठोस निर्णय भी लेने चाहिए।दिल्ली की बैठक के बाद वांगचुक का रुख यह संकेत दे रहा है कि सरकार और लद्दाख के प्रतिनिधियों के बीच बातचीत के बावजूद कई अहम मुद्दों पर सहमति बनना अभी बाकी है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि सरकार की ओर से कोई नया आश्वासन या प्रस्ताव सामने आता है या नहीं। ऐसा नहीं होने पर 19 से 24 सितंबर का प्रस्तावित आंदोलन लद्दाख के मुद्दे को एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में ला सकता है।

